माँ भारती पद वंदना, कर मातु का नित ध्यान।
पाऊँ सभी सुख संग में, शुभ ज्ञान का वरदान।।
कोई नहीं दुख आपदा, पल एक भी अब पास।
है ज्ञान की अब संपदा, सुख का सदा अहसास।।
भाया मुझे हर वक्त है, करना सतत् गुणगान।
माँ भारती पद वंदना, कर मातु का नित ध्यान।।०१।।
जो भी कभी लिखता यहाँ, नव भाव में कुछ शब्द।
वाणी कृपा रस से भरी, करती उसे तब अब्द।।
है मातु दिव्य उदारता, जिससे मिले जग मान।
माँ भारती पद वंदना, कर मातु का नित ध्यान।।०२।।
हो सत्य भाव भरा हुआ, हर छंद में नव चाह।
दे छंद ज्ञान प्रवीणता, रस प्रेम पूर्ण प्रवाह।।
वेदाग्रणी शुभ शारदा, वर खास लेखन ज्ञान।
माँ भारती पद वंदना, कर मातु का नित ध्यान।।०३।।
गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।
संपर्क – ९८३५२३२९७८

