एक शिक्षकीय विद्यालय का एक शिक्षक एक से तीन, तीन से पांच, पांच से वर्ग एक। इसी में उलझता-सुलझता रहता[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
शांति जिसके भाल वो बहादुर लाल- विवेक कुमारशांति जिसके भाल वो बहादुर लाल- विवेक कुमार
शांति जिसके भाल वो बहादुर लाल गांधी के संग जन्म ले थामा था जिसने कमान, मातृभूमि को पराधीनता की जंजीरों[...]
आईना-प्रमोद कुमारआईना-प्रमोद कुमार
आईना तब तो तू बहुत खुश था, सुन्दर रूप अपनाया था। तेरे अरमानों के माफिक मैंने तुझको सजाया था।। मस्ती[...]
बापू की निशानी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’बापू की निशानी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
बापू की निशानी देश की आजादी पर अर्पित कर दी जवानी है, ये आजादी तो बापू की अमिट निशानी है।[...]
एक था मोहन-अरविंदएक था मोहन-अरविंद
एक था मोहन एक था मोहन बड़ा निडर था लाठी लेकर हाथ में, चला अकेले फिर तो सारा जग भी[...]
सत्य अहिंसा के पुजारी-अशोक कुमारसत्य अहिंसा के पुजारी-अशोक कुमार
अहिंसा के पुजारी गांधी थे पुतलीबाई के संतान, उनको जानता है सारा जहान। सादगी है उनकी पहचान, कर गए काम[...]
शिक्षक की चाह-अपराजिता कुमारीशिक्षक की चाह-अपराजिता कुमारी
शिक्षक की चाह मैं शिक्षक हूंँ, हाँ मैं शिक्षक हूंँ मैंने चाहा शिष्यों को शिखर तक ले जाने वाला बनूं,[...]
चलो चलें करें मतदान-विवेक कुमारचलो चलें करें मतदान-विवेक कुमार
चलो चलें करें मतदान 5 साल बाद, मौका मिला हमें पुनः एक बार, अपने हक और अधिकार का, कर प्रयोग,[...]
परोपकार-ब्यूटी कुमारीपरोपकार-ब्यूटी कुमारी
परोपकार वह मानव जीवन व्यर्थ गया, जो किया कभी उपकार नहीं। जो मानव, मानव के काम आए, उसका जीवन सफल[...]
बेटी पर मुझको नाज़ है-धीरज कुमारबेटी पर मुझको नाज़ है-धीरज कुमार
बेटी पर मुझको नाज़ है मेरी बेटी मेरे सर का ताज है गर्व है मुझे खुद पर की, एक बेटी[...]
