Category: Shaikshnik

Girindra Mohan Jha

भारत के प्राचीन ग्रंथ- गिरीन्द्र मोहन झाभारत के प्राचीन ग्रंथ- गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 5:33 pm

वेद-वेदान्त की है उक्ति यही, सदा बनो निर्भीक, कहो सोsहं , उपनिषद कहते हैं, ‘तत्त्वमसि’, तुम में ही है ‘ब्रह्म’,[...]

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Ratna Priya

शिक्षा के दीप- रत्ना प्रियाशिक्षा के दीप- रत्ना प्रिया

0 Comments 7:43 pm

पंचतत्व से निर्मित दिए में , स्नेह- घृत व बाती डालें। हम सब शिक्षक आगे बढ़कर ,नव-शिक्षा के दीप जला[...]

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Jainendra

प्रेम भरी वाणी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रेम भरी वाणी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 7:10 pm

ठोस परिणाम हेतु काम आता अनुभव, बीमारों को पथ्य वास्ते, चावल पुरानी हो। जीवन में सोच कर कदम बढ़ाएं सदा,[...]

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Devkant

दोहावली- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 7:04 pm

पावन शुचिमय भाव रख, रचें नवल संसार। दे सबको नव वर्ष शुभ, खुशियों का उपहार।। द्वेष पुराना भूलकर, करिए नेक[...]

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Sanjay kr Singh

हिंदी का सम्मान – संजय कुमार सिंहहिंदी का सम्मान – संजय कुमार सिंह

0 Comments 8:54 pm

हिंदी का सम्मान कहां है,राष्ट्र का अभिमान कहां है। सिमटी हैअस्तित्व बचाने,ऐसा भी सौभाग्य कहां है।। घर की मुर्गी दाल[...]

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Nitu Rani

शैक्षणिक गतिविधि – नीतू रानीशैक्षणिक गतिविधि – नीतू रानी

0 Comments 11:05 am

आओ बच्चों सब मिलकर करना आज शैक्षणिक गतिविधि, अगर थक जाएगा तो थोड़ा लेना पानी पी। चित्र बनाना, गाना, गाना[...]

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Om prakash

प्रकाश का परावर्तन – ओम प्रकाशप्रकाश का परावर्तन – ओम प्रकाश

0 Comments 8:25 pm

किरणें जो सतह से टकराए कहलाती हैं आपतित, टकरा कर लौटती किरणें कहलाती हैं परावर्तित.. हो सतह यदि चिकनी-समतल तो[...]

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Jainendra

शिक्षा का उद्देश्य – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’शिक्षा का उद्देश्य – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 4:28 pm

पढ़ने से ज्ञान मिले दुनिया में मान मिले, जीवन से अज्ञान का मिटता है अंधकार। किए पर खेद करें किसी[...]

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पुस्तक- मीरा सिंह “मीरापुस्तक- मीरा सिंह “मीरा

0 Comments 9:20 am

पुस्तक होती ज्ञान दायिनी सबको राह दिखाती है। मानव का सच्चा साथी बन हर पग साथ निभाती है।। अम्मा बन[...]

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Vivek

इम्तिहान का अंतिम पंच- विवेक कुमारइम्तिहान का अंतिम पंच- विवेक कुमार

0 Comments 8:24 pm

टेंशन वेंशन भूल जा, अपने आप पर कॉन्फिडेंस ला, नए का, कुछ ना कर तू प्रयोग, कर बीते समय की[...]

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