शब्दों का संसार (१६-१४) शब्दों का संसार अनोखा, होंठ चूमता है रहता। कुछ बसते हैं संग रगो में, कुछ को[...]
Category: Shaikshnik
प्यारा स्कूल – निवेदिता कुमारीप्यारा स्कूल – निवेदिता कुमारी
प्यारा स्कूल मैं ये कहाँ आ गई हूँ,ये सवाल मन में आया है,माँ के साथ जब पहली बार,अनोखे जगह पर[...]
दीप ज्योति नमो नमः।दीप ज्योति नमो नमः।
दीप ज्योति नमो नमः। यत्र नास्ति दीपं तत्र वा तिमिरं। आगमनेसतत्र ज्योति कुतो वा तिमिरं।। यतो दीपं ततो धर्म:। दीप[...]
अक्टूबर – रुचिकाअक्टूबर – रुचिका
देखो,कैसे आ गया अक्टूबर थोड़ी सी ठंडी हवा लेकर, थोड़ी सी सूरज की गर्मी चुराकर थोड़ी सी सूरज में नर्मी[...]
छात्रों की वित्तीय साक्षरता – अवधेश कुमारछात्रों की वित्तीय साक्षरता – अवधेश कुमार
छात्रों की वित्तीय साक्षरता ज्ञान का मंदिर है विद्यालय, सीखो यहाँ जीवन के विभिन्न पहल । सिर्फ अंक नहीं, समझो[...]
कल से पक्का पढूंगा – अवधेश कुमारकल से पक्का पढूंगा – अवधेश कुमार
कल से पक्का पढ़ूंगा – बाल हास्य कविताआज बहुत रात हो गई ,फिर वही बात,कॉपी खुली है पर नींद का[...]
शरद पूर्णिमा – गिरीन्द्र मोहन झाशरद पूर्णिमा – गिरीन्द्र मोहन झा
शरद पूर्णिमा की रात सुहावन, है अति मनभावन, चंद्रमा की चांदनी, उजाला, शीतलता, है अति पावन, चंद्रदेव अमृत-वृष्टि हैं कर[...]
जीवन सुंदर सरस – महामंगला छंद गीत, राम किशोर पाठकजीवन सुंदर सरस – महामंगला छंद गीत, राम किशोर पाठक
जीवन सुंदर सरस, लगता हरपल खास। कर्म करे जो सतत, होता नहीं उदास।। हारा मन कब सफल, मन के जीते[...]
वक्त पूछता है, गिरीन्द्र मोहन झावक्त पूछता है, गिरीन्द्र मोहन झा
वक्त पूछता है रात्रि में शयन से पूर्व वक्त पूछता है, आज तुमने क्या-क्या अर्थपूर्ण किया, सुबह होती है जब,[...]
बादल, आशीष अम्बरबादल, आशीष अम्बर
छोटी-छोटी बूँदें लाएँ, ये मतवाले बादल, श्वेत-स्लेटी, नीले-पीले, भूरे-काले बादल। कैसे-कैसे रूप बदलते, करते जादू-मंतर, हाथी जैसे कभी मचलते,[...]
