Category: Shaikshnik

Ram Kishore Pathak

शब्दों का संसार-राम किशोर पाठकशब्दों का संसार-राम किशोर पाठक

0 Comments 5:44 pm

शब्दों का संसार (१६-१४) शब्दों का संसार अनोखा, होंठ चूमता है रहता। कुछ बसते हैं संग रगो में, कुछ को[...]

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प्यारा स्कूल – निवेदिता कुमारीप्यारा स्कूल – निवेदिता कुमारी

0 Comments 8:12 pm

प्यारा स्कूल मैं ये कहाँ आ गई हूँ,ये सवाल मन में आया है,माँ के साथ जब पहली बार,अनोखे जगह पर[...]

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Ram Kishor Pathak

दीप ज्योति नमो नमः।दीप ज्योति नमो नमः।

0 Comments 9:02 pm

दीप ज्योति नमो नमः। यत्र नास्ति दीपं तत्र वा तिमिरं। आगमनेसतत्र ज्योति कुतो वा तिमिरं।। यतो दीपं ततो धर्म:। दीप[...]

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Ruchika

अक्टूबर – रुचिकाअक्टूबर – रुचिका

0 Comments 6:18 pm

देखो,कैसे आ गया अक्टूबर थोड़ी सी ठंडी हवा लेकर, थोड़ी सी सूरज की गर्मी चुराकर थोड़ी सी सूरज में नर्मी[...]

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छात्रों की वित्तीय साक्षरता – अवधेश कुमारछात्रों की वित्तीय साक्षरता – अवधेश कुमार

0 Comments 4:33 pm

छात्रों की वित्तीय साक्षरता ज्ञान का मंदिर है विद्यालय, सीखो यहाँ जीवन के विभिन्न पहल । सिर्फ अंक नहीं, समझो[...]

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कल से पक्का पढूंगा – अवधेश कुमारकल से पक्का पढूंगा – अवधेश कुमार

0 Comments 10:10 pm

कल से पक्का पढ़ूंगा – बाल हास्य कविताआज बहुत रात हो गई ,फिर वही बात,कॉपी खुली है पर नींद का[...]

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GRINDRA MOHAN JHA

शरद पूर्णिमा – गिरीन्द्र मोहन झाशरद पूर्णिमा – गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 10:29 pm

शरद पूर्णिमा की रात सुहावन, है अति मनभावन, चंद्रमा की चांदनी, उजाला, शीतलता, है अति पावन, चंद्रदेव अमृत-वृष्टि हैं कर[...]

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Girindra Mohan Jha

वक्त पूछता है, गिरीन्द्र मोहन झावक्त पूछता है, गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 9:15 pm

वक्त पूछता है रात्रि में शयन से पूर्व वक्त पूछता है, आज तुमने क्या-क्या अर्थपूर्ण किया, सुबह होती है जब,[...]

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ashish amber

बादल, आशीष अम्बरबादल, आशीष अम्बर

0 Comments 9:12 pm

  छोटी-छोटी बूँदें लाएँ, ये मतवाले बादल, श्वेत-स्लेटी, नीले-पीले, भूरे-काले बादल। कैसे-कैसे रूप बदलते, करते जादू-मंतर, हाथी जैसे कभी मचलते,[...]

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