रक्षा बंधन ये रक्षा[...]
Category: Shakshanik
कविता का स्वरूप-बिपिन कुमार चौधरीकविता का स्वरूप-बिपिन कुमार चौधरी
कविता का स्वरूप सभी विद्वानों के विचारों का अंतिम सार, कविता कवि के भावनाओं का उदगार, मुख्य रूप से इनके[...]
आजादी-अशोक कुमारआजादी-अशोक कुमार
आजादी तीन रंगों का तिरंगा प्यारा, नभ में लहराता। यह हमारी शान शौकत, आजादी की कीमत बताता।। हरा रंग है[...]
पर्यावरण-अशोक कुमारपर्यावरण-अशोक कुमार
पर्यावरण पृथ्वी वीरान पड़ी, विकट समस्या खड़ी। स्वयं एक एक पेड़,आप भी लगाइए।। पेड़ों की कटाई रोकें, बर्षा इसी से[...]
फलों का राजा आम-अनुज कुमार वर्माफलों का राजा आम-अनुज कुमार वर्मा
फलों का राजा आम बात पते की कहता हूँ, नन्हें राजा, सुनलो आप। दादा – दादी भी कहते हैं, राजा[...]
विलोम शब्द का ज्ञान-विजय सिंह नीलकण्ठविलोम शब्द का ज्ञान-विजय सिंह नीलकण्ठ
विलोम शब्द का ज्ञान एक अच्छा व एक बुरा दो बंदर है छत पर खड़ा एक छोटा तो एक बड़ा[...]
योग-अशोक कुमारयोग-अशोक कुमार
योग दिनभर व्यस्तता के बाद, रात को आराम करें। सुबह जल्दी उठकर, आओ चले व्यायाम करें।। सुबह-सुबह दौड़ लगाएं, शरीर[...]
सतरंगी प्रकृति-लवली वर्मासतरंगी प्रकृति-लवली वर्मा
सतरंगी प्रकृति रंगों से भरी है प्रकृति, मनभावन सुंदर अति। नीले नभ में उड़ते खग, कर देते हैं हमें[...]
रंग-आंचल शरणरंग-आंचल शरण
रंग सात रंगों से भरा जीवन, फूलों से खिला वन उपवन। सातों रंग जब मिल जाते, सरस्वती वरन, सफेद कहलाते।।[...]
हम अबला नहीं सबला हैं-रीना कुमारीहम अबला नहीं सबला हैं-रीना कुमारी
हम अबला नहीं सबला हैं सभ्यता है हमारी पहचान, संस्कृति में रहना अपनी शान। यही जीवन जीने की कला है,[...]
