Category: Shakshanik

शरद पूर्णिमा, रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’शरद पूर्णिमा, रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 9:20 pm

विधाता छंदधारित मुक्तक शरद पूर्णिमा कहीं संगम कहीं तीरथ, धरा पर पुण्य बहते हैं, मगर जो आज देखेंगे, कहेंगे व्यर्थ[...]

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Girindra Mohan Jha

वक्त पूछता है, गिरीन्द्र मोहन झावक्त पूछता है, गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 9:15 pm

वक्त पूछता है रात्रि में शयन से पूर्व वक्त पूछता है, आज तुमने क्या-क्या अर्थपूर्ण किया, सुबह होती है जब,[...]

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ashish amber

बादल, आशीष अम्बरबादल, आशीष अम्बर

0 Comments 9:12 pm

  छोटी-छोटी बूँदें लाएँ, ये मतवाले बादल, श्वेत-स्लेटी, नीले-पीले, भूरे-काले बादल। कैसे-कैसे रूप बदलते, करते जादू-मंतर, हाथी जैसे कभी मचलते,[...]

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Ram Kishor Pathak

शरद पूर्णिमा – महामंगला छंद, राम किशोर पाठकशरद पूर्णिमा – महामंगला छंद, राम किशोर पाठक

0 Comments 8:44 pm

देखो आया शुभद, आज कई संयोग। रजनी लगती नवल, चकवा का हठयोग।। पूनम सुंदर धवल, लेकर आयी रूप। आज पूर्णिमा[...]

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Nitu Rani

कोजगराक गीत नीतू रानी “निवेदिता”कोजगराक गीत नीतू रानी “निवेदिता”

0 Comments 8:36 pm

लक्ष्मी पूजा एवं कोजगरा की हार्दिक शुभकामनाएँ आप सबों को। विषय-गीत शीर्षक-कोजगरा। तर्ज-सावन का महीना पवन करे शोर। कोजगराक गीत[...]

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Ram Kishor Pathak

अनुपम गाँधी-शास्त्री- राम किशोर पाठकअनुपम गाँधी-शास्त्री- राम किशोर पाठक

0 Comments 12:17 pm

गाँधी शास्त्री थें भारत के लाल। जन्में दोनों सुंदर देश विशाल।। अपने कर्मो से हरपल विख्यात। धन्य हुई दोनों से[...]

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बहती गंगा-सी पुण्यधार रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’बहती गंगा-सी पुण्यधार रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 6:38 pm

पद्धरी छंद सम-मात्रिक छंद, 16 मात्राएँ आरंभ द्विकल से, पदांत Sl अनिवार्य।   मां सिद्धिदायिनी दिव्य भाल। दिखते हैं सागर[...]

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Ram Kishor Pathak

रावणी गुण- राम किशोर पाठकरावणी गुण- राम किशोर पाठक

0 Comments 5:22 pm

हत्या चोरी आचार यौन । झूठी वाणी रहना न मौन।। भाषा विभक्त-कारी कठोर। धारे लालच लोभ घनघोर।। कारण प्रभाव देता[...]

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युग का प्रभाव- जैनेन्द्र प्रसाद रवियुग का प्रभाव- जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 3:24 pm

गुरुजनों की भी नहीं,छूते हैं चरण कभी,कहीं दूर जाने वक्त, कहते हैं गुड-वाय। बड़ों को प्रणाम हेतुजोड़ते हैं हाथ नहीं,एक[...]

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Ram Kishor Pathak

हिंदी भाषा की गरिमा – राम किशोर पाठकहिंदी भाषा की गरिमा – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:23 pm

हिंदी भाषा की गरिमा को, उच्च शिखर पहुँचाना होगा। हिंदी के प्रति जन-मानस में, प्रेम अटूट जगाना होगा।। रामचरित रचकर[...]

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