Category: Teachers Of Bihar

हम शिक्षक – डॉ स्नेहलता द्विवेदीहम शिक्षक – डॉ स्नेहलता द्विवेदी

0 Comments 11:02 pm

हम शिक्षक   धीरे धीरे मैं गढ़ती हूँ, घर घरौंदा आदिम सब, जाने जैसे कैसे लिखती वर्ण व आख़र आखिर[...]

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Nutan

टीचर्स ऑफ बिहार- नूतन कुमारीटीचर्स ऑफ बिहार- नूतन कुमारी

0 Comments 6:10 pm

व्याख्या कैसे करुँ तेरा, विस्तार तेरा है सीमित नहीं। टीओबी है टीम अनूठा, उदाहरण से वर्णन किंचित नहीं।। पद्य पंकज[...]

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Suresh-kumar-gaurav

बिन शिक्षक वैभव अधूरा- सुरेश कुमार गौरवबिन शिक्षक वैभव अधूरा- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:35 pm

शिक्षक की गोद में पलता,उत्थानों का भाव। जिसकी पीठ पकड़ कर चलता,पड़ता देश प्रभाव॥ बोए बीज वही बन जाता,वटवृक्षों का[...]

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हम हैं टीचर्स ऑफ़ बिहार – मनु कुमारीहम हैं टीचर्स ऑफ़ बिहार – मनु कुमारी

0 Comments 8:20 pm

शिक्षा का हम दीप जलाते। अज्ञान तिमिर को दूर भगाते। नैतिकता का पाठ पढ़ाते। स्वयं का उसको बोध कराते। करते[...]

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शिक्षक हूॅं बिहार का – राम किशोर पाठकशिक्षक हूॅं बिहार का – राम किशोर पाठक

0 Comments 5:51 pm

शिक्षक हूॅं बिहार का, ज्ञान के विस्तार का। बच्चों का भविष्य मैं, मार्ग हूॅं संसार का।। अलख जगाता रहता, सबमें[...]

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मैं टीचर्स ऑफ बिहार हूँमैं टीचर्स ऑफ बिहार हूँ

0 Comments 9:57 pm

मैं बदलाव की बयार हूँ निरंतर व्यवस्था-सुधार हूँ कर्तव्य पथ पर सवार हूँ मैं “टीचर्स ऑफ बिहार” हूँ ज्ञान का[...]

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ज्ञान के दीपक- सुरेश कुमार गौरवज्ञान के दीपक- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 9:12 pm

शिक्षक हैं वो दीप प्रखर, जो तम को हरने आते, ज्ञान-ज्योति की लौ बनकर, जीवन राह दिखलाते। संस्कारों की निधि[...]

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ram किशोर

राष्ट्रीय भेषज विज्ञान शिक्षा दिवस- राम किशोर पाठकराष्ट्रीय भेषज विज्ञान शिक्षा दिवस- राम किशोर पाठक

0 Comments 8:00 am

शिक्षा कृत संकल्प लें, चिकित्सा सा विकल्प लें, औषधि ज्ञान हित में, दिवस मनाइए। रोग मुक्ति बोध पले, शुचिता के[...]

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anish chandra renu

ज्ञान की दीपशिखा – प्रज्ञानिकाज्ञान की दीपशिखा – प्रज्ञानिका

0 Comments 8:00 am

प्रज्ञा की ज्योति जलाए जो, अंधकार को दूर भगाए जो। ज्ञान का दीपक बनकर चमके, हर मन में उम्मीद जगाए[...]

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रूप घनाक्षरी- एस. के. पूनमरूप घनाक्षरी- एस. के. पूनम

0 Comments 10:39 pm

गर्भ से प्रथम रिश्ता, स्वीकार है माता-पिता, पदार्पण धरा पर, और खुशियाँ बटोर। आँचल में छुप कर, दुग्ध सुधा रसपान,[...]

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