मान मिल जाए- गजल १२२२-१२२२, १२२२-१२२२ दबे कुचले यहाँ जो भी, उन्हें सम्मान मिल जाए। रहे कानून में समता, सही[...]
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मैं टीचर ऑफ बिहार हूं -रामकिशोर पाठकमैं टीचर ऑफ बिहार हूं -रामकिशोर पाठक
मैं टीचर्स ऑफ बिहार हूँ – गीत शिक्षा का अटल आधार हूँ। मैं टीचर्स ऑफ बिहार हूँ।। बच्चों के कोमल[...]
सरस्वती प्रार्थना -रामकिशोर पाठकसरस्वती प्रार्थना -रामकिशोर पाठक
सरस्वती प्रार्थना- द्विगुणित सुंदरी छंद गीत फँसे मँझधार में हैं, दे दो किनार मैया। कोई मिला न जग में, सुन[...]
बसंत पंचमीबसंत पंचमी
धनाक्षरी छंद में बसंत पंचमी पर्व,खुशी-खुशी मनाते हैं,सभी भक्त माॅं शारदे का आशीष पाते हैं। हर वर्ष यह पर्व,माघ पंचमी[...]
माता वाणी से विनय- रामकिशोर पाठकमाता वाणी से विनय- रामकिशोर पाठक
माता वाणी से विनय- विधाता छंद गीत पुकारूँ मैं तुम्हें माता, जरा मुझपर तरस खाओ। हरो अज्ञानता मेरी, सहज कुछ[...]
प्रकट हो माता भवानी रामपाल प्रसाद सिंहप्रकट हो माता भवानी रामपाल प्रसाद सिंह
कुंडलिया प्रकट हो मात भवानी। (दुर्गा/पार्वती) मात भवानी प्रेरणा,शक्ति पुंज आधार। धरा अकारण मानती,तेरा ही उपकार।। तेरा ही उपकार,सघन हरियाली[...]
कछुआ -नीतू रानीकछुआ -नीतू रानी
विषय -बाल कविता। शीर्षक -कछुआ , बिल्ली, घोड़ा जिराफ। मैंने बनाई चार्ट पेपर से कछुआ, बिल्ली, घोड़ा ,जिराफ, देखने में[...]
इन्सान बदल गया है -बैकुंठ बिहारीइन्सान बदल गया है -बैकुंठ बिहारी
इंसान बदल गया है सभी कहते हैं, समय बदल गया है। वास्तविकता यह है, कि इंसान बदल गया है। स्वार्थ[...]
ॐ कृष्णय नमः -एस. के पूनमॐ कृष्णय नमः -एस. के पूनम
ऊँ कृष्णाय नमः विधाता छंद (हमारी बाँसुरी राधा) हमारी बाँसुरी राधा, कभी मुझसे नहीं रूठी। किया वादा हमेशा ही, सदा[...]
ध्वज फहराइए -रामकिशोर पाठकध्वज फहराइए -रामकिशोर पाठक
ध्वज फहराइए- मनहरण घनाक्षरी (८-८-८-७) नियमों का ध्यान कर, सबका सम्मान कर, सत्य गुणगान कर, तंत्र अपनाइए। अपनों से मिलकर,[...]
