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Ram Kishor Pathak

दिवाली आई – गीतिका – राम किशोर पाठकदिवाली आई – गीतिका – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:37 am

दिवाली आई- गीतिका कूड़ा-करकट करो सफाई। है नजदीक दिवाली आई।। कार्तिक लेकर शुभता आता। सदियों से यह रीत निभाई ।।[...]

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गीदड़ तब शोर मचाएगा – रामपाल प्रसाद सिंहगीदड़ तब शोर मचाएगा – रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 8:11 pm

गीदड़ तब शोर मचाएगा… निज शेर पाॅंव पीछे खींचे। निज ऑंखों को करके नीचे।। तब बुरा समझ कहलाएगा गीदड़ तब[...]

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करवा चौथ -रामपाल प्रसाद सिंहकरवा चौथ -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 4:38 pm

करवा चौथ देवी धरोहर पार्वती जय,जय देवी पांचाली की। आज करें विनती हम मिलकर,पुण्य बहाने वाली की।। पाकर कथा शुभंकर[...]

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करवा चौथ – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानकरवा चौथ – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान

0 Comments 7:59 pm

विधाता छंदाधारित मुक्तककरवा चौथ कहीं संगम कहीं तीरथ,धरा पर पुण्य बहते हैं, सजी हैं नारियाॅं भूपर,कहेंगे व्यर्थ कहते हैं। हजारों[...]

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वृद्धावस्था-गिरींद्र मोहन झावृद्धावस्था-गिरींद्र मोहन झा

0 Comments 12:50 pm

वृद्धावस्था (कविता: गिरीन्द्र मोहन झा) शैशव, बाल्य, किशोर, युवा, से होकर तुम बने हो वृद्ध, तुम्हारा असली,बड़ा गुण है, हर[...]

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Ram Kishor Pathak

जिंदगी – राम किशोर पाठकजिंदगी – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:37 pm

जिंदगी -सूर घनाक्षरी एक रास्ता है जिंदगी,आओ कर लें बंदगी,त्याग चित की गंदगी, चलते जाइए।कर्म धर्म मर्म ज्ञान,अपना पराया जान,सबको[...]

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बिन मौसम बरसात – अवधेश कुमारबिन मौसम बरसात – अवधेश कुमार

0 Comments 7:38 am

बिन मौसम बरसात : बाल कविता , मौसम आजकलहथिया नक्षत्र की बिन मौसम बरसात आया ,अपने साथ लाया बाढ़ और[...]

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बेटी अभिशाप नहीं वरदान है – पूजा कुमारीबेटी अभिशाप नहीं वरदान है – पूजा कुमारी

0 Comments 7:32 pm

जाने क्यों लोग बेटी को बोझ समझते हैं। बेटी कोई अभिशाप नहीं यह तो आंगन की लक्ष्मी है।। किसी के[...]

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Girindra Mohan Jha

पुत्री दिवस- गिरिंद्र मोहन झापुत्री दिवस- गिरिंद्र मोहन झा

0 Comments 7:34 pm

आज अन्तरराष्ट्रीय पुत्री दिवस पर प्रस्तुत मेरी एक कविता:पुत्री-दिवसधन्य वह गेह है, जहँ खिलखिलाती बेटियाँ,धन्य वह गेह है, जहाँ चहचहाती[...]

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हे कात्यायनी मां -डॉ स्नेहलताहे कात्यायनी मां -डॉ स्नेहलता

0 Comments 3:02 pm

हे कात्यायनी ऋषि कात्यायन की हे सुता, यह दर्प तुम्हारा अद्भुत है। यह रूप तुम्हारा अद्भुत है, सौंदर्य तुम्हारा अद्भुत[...]

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