फिर रचा इतिहास है विश्व कप का खिताब जीतकर , फिर रचा इतिहास है । बेटियों ने हीं बताया, चाँद[...]
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इतिहास कौन रचता है -गिरिंद्र मोहन झाइतिहास कौन रचता है -गिरिंद्र मोहन झा
इतिहास कौन रचता है? धरातल से जुड़कर जो वर्तमान से भविष्य की ओर निरंतर चलता है, इतिहास वही रचता है,[...]
भक्ति भाव मन -रामकिशोर पाठकभक्ति भाव मन -रामकिशोर पाठक
भक्ति भाव मन- वासुदेव छंद गीत पावन अब तन, करना है। भक्ति भाव मन, धरना है।। भोग रहे सब, कृत[...]
नेता के उपनाम -रामकिशोर पाठकनेता के उपनाम -रामकिशोर पाठक
नेता के उपनाम- कहमुकरी इर्द-गिर्द मँडराते रहता। जुल्म-सितम सहने को कहता।। नखरा भी करता है प्रत्यक्ष। क्या सखि? साजन! न[...]
देव दया कर …रामकिशोर पाठकदेव दया कर …रामकिशोर पाठक
वासुदेव छंद आश नया मन, सर्जन दो।देव दया कर, दर्शन दो।। भव भंजन तुम, कष्ट हरो।जीवन का दुख, नष्ट करो।।पाप[...]
सामा गीत -नीतू गीतसामा गीत -नीतू गीत
सामा गीत तर्ज -दुल्हिन धीरे-धीरे चलियौ ससुर गलिया— सामा खेलूँ हे बहिना भैया के अंगना सामा कौने भैया जेता काशी[...]
तुलसी विवाह -नीतू रानीतुलसी विवाह -नीतू रानी
विषय -तुलसी विवाह विवाह गीत मंगल मय दिन आजु हे छीयैन तुलसी के विवाह, परल नग्र हकार हे मन कमल[...]
निद्रा -बैकुंठ बिहारीनिद्रा -बैकुंठ बिहारी
निद्रा कभी वास्तविक कभी काल्पनिक होती है यह निद्रा। कभी प्रसन्नता कभी निराशा देती है यह निद्रा। कभी साहस कभी[...]
आओ उठकर – रामकिशोर पाठकआओ उठकर – रामकिशोर पाठक
आओ उठकर – बाल कविता (वासुदेव छंद) अम्मा हँसकर, बोल गयी। मन में मधुरस, घोल गयी।। उठ आओ अब, भोर[...]
शब्द साधना…रामकिशोर पाठकशब्द साधना…रामकिशोर पाठक
मरहठा माधवी छंद शब्द साधना अगर, सब्र साधना, स्वयं साधा करे।शिल्प देखिए सहज, और सीखिए, मौन बाधा हरे।।अर्थ जानिए सदा,[...]
