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मंजिल बुला रही है मोहम्मद आसिफ इकबालमंजिल बुला रही है मोहम्मद आसिफ इकबाल

0 Comments 6:31 pm

| मंज़िल बुला रही है | क्यों मुरझाए बैठे हो? शीष झुकाए बैठे हो! देखो मंजिल बुला रही है, बाँध[...]

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Jainendra

छुआछूत-जैनेंद्र प्रसादछुआछूत-जैनेंद्र प्रसाद

0 Comments 6:24 pm

छूआछूत कोई नहीं छोटा बड़ा, सबको समान गढ़ा, आमिर-गरीब होना, तो मात्र संजोग है। ईश्वर की रचना में- विविध प्रकार[...]

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Girindra Mohan Jha

ऊंचाई भी क्या चीज-गिरिंद्र मोहन झाऊंचाई भी क्या चीज-गिरिंद्र मोहन झा

0 Comments 1:08 pm

ऊंचाई भी क्या चीज होती है, आकाश की ऊंचाई से देखो, धरती पर के शिला-गिरि छोटे दिखाई देते हैं, धरती[...]

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Ram Kishore Pathak

कान्हा..रामकिशोर पाठककान्हा..रामकिशोर पाठक

0 Comments 6:34 pm

कहमुकरी ख्वाब सजाकर रखती हूॅं नित।उन्हें छुपाकर रखती हूॅं चित।।रहती फिर भी जग में तन्हा।क्या सखि? साजन! न सखी! कन्हा।।०१।।[...]

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वाह रे इंसान.. जैनेंद्र प्रसाद रविवाह रे इंसान.. जैनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 2:54 pm

वाह रे इंसान *****************धन-दौलत सब माल-खजाना यहीं धरा रह जाएगा,खाली हाथ तू आया बंदे खाली हाथ ही जाएगा।मूर्ति की पूजा[...]

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Ram Kishore Pathak

गौरव..रामकिशोर पाठकगौरव..रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:19 am

नाभा छंद २११-१११, २२२-२२ गौरव क्षणिक, पाना क्यों चाहें।कौन बरबस, फैलाता बाहें।।चाहत अगर, मैला हो तेरा।अंतस गरल, फैलाए डेरा।। सुंदर[...]

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Ram Kishore Pathak

रुख हवाओं का बदल दूं..रुख हवाओं का बदल दूं..

0 Comments 7:36 pm

गजल२१२२-२१२२ नैन तेरे कर सजल दूँ।आज लिखकर मैं गजल दूँ।। कौन तेरा है बता दो।आज रिश्तें कर अटल दूँ।। यूँ[...]

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Ram Kishore Pathak

आप संग रहें -रामकिशोर पाठकआप संग रहें -रामकिशोर पाठक

0 Comments 5:21 pm

आप संग रहे- छंद वार्णिक २१२-११२, २२१-२१ अंग-अंग कहे, पाया निखार। आप संग रहे, भाया विचार।। भूल चूक किया, स्वीकार[...]

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