विश्वास का ह्रास मन हमारा रोया था, जब तुम्हारे आंशु में, जब हम दोनों श्वास लिए थे एक-दूसरे के श्वासो[...]
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जीवन की बगियाजीवन की बगिया
।।जीवन की बगिया।। जीवन की बगिया में देखो फूल भी है और कांटे भी खड़ी धूप और अंगारे भी चलते[...]
वो तो हैं अलबेलावो तो हैं अलबेला
मेरी माँ ‘ मैं तो अलबेला, थोरा सा भोला, मासूम, नादान, हटेला । किस्मत का मारा रहूंगा अकेला खौटा सिक्का[...]
बोल बम कहने लगा- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘बोल बम कहने लगा- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘
बोल बम कहने लगा। आ गया सावन महीना, भाव में बहने लगा। त्याग ऑंचल का सहारा,बोल बम कहने लगा।। कौन[...]
मोबाइल की लत- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मोबाइल की लत- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
बाल सृजन मनहरण घनाक्षरी छंद में हर दम रख साथ, जागते हैं दिन रात, बच्चों को मोबाइल का, विकल्प सुझाइए।[...]
काले रंग में छिपा उजासकाले रंग में छिपा उजास
काले रंग में छिपा उजास Hidden Light in the Black Colour…… काला है, फिर भी खाली नहीं, हर रेखा में[...]
स्वामी विवेकानंद – गिरींद्र मोहन झास्वामी विवेकानंद – गिरींद्र मोहन झा
स्वामी विवेकानंद (12 जनवरी, 1863- 4 जुलाई, 1902) हे पुरुष-सिंह ! हे मानवता के अवतार ! बचपन से ही तुम[...]
योग करें – अश्मजा प्रियदर्शिनीयोग करें – अश्मजा प्रियदर्शिनी
योग करें रखें नियमित सदाचरण,काया करें नीरोग। नित्य संयमित योगासन, जड़ से भागे रोग।। रवि देव को नित प्रभात, साक्षात[...]
धरती की पुकार – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’धरती की पुकार – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
धरती की पुकार बचपन ने जहाँ देखा खेतों- खलिहानों को, आज वहीं देख रहें उगते हुए मकानों को। हवा में[...]
मातृ दिवस – गिरीन्द्र मोहन झामातृ दिवस – गिरीन्द्र मोहन झा
मातृ दिवस पिता देखता है स्वप्न, मेरा बेटा नाम करे, शुभ-श्रेष्ठ काम करे, प्राध्यापक, जिलाधिकारी बने, हृदय में होता[...]
