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Suresh Kumar gaurav

नव संवत्सर का शुभागमन- सुरेश कुमार गौरवनव संवत्सर का शुभागमन- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 2:03 pm

चैत्र मास आया लेकर नव जीवन का संचार, संवत्सर नव मंगलमय, भर दे उमंग अपार। शुक्ल पक्ष की प्रथम रश्मियाँ[...]

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ram किशोर

महादेवी वर्मा: विधा – मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमहादेवी वर्मा: विधा – मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:33 pm

काव्य रची अनमोल, सौम्य सरस-सा बोल, छायावादी रस घोल, नारी वंदनीय है। सप्तपर्णा, दीपशिखा, सांध्यगीत, अग्निरेखा, संकल्पिता स्मृति रेखा, यामा[...]

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Suresh Kumar gaurav

अमर शहीदों को नमन- सुरेश कुमार गौरवअमर शहीदों को नमन- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 9:20 pm

वीरों की इस भूमि पर, गूँज रही शौर्य हुंकार, शान से बलिदानियों ने, लिखे नये संस्कार। भगत, सुखदेव, राजगुरु, थे[...]

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शौर्य का जयघोष – अवनीश कुमारशौर्य का जयघोष – अवनीश कुमार

0 Comments 10:15 pm

जब भी लगे तुम्हें, विश्वास तुम्हारा डगमगाने लगा है, लेकर आशा की मशाल, दशरथ माँझी-सा आना तुम एक और प्रहार[...]

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Bhawanand

हाँ मैं बिहार हूँ- भवानंद सिंहहाँ मैं बिहार हूँ- भवानंद सिंह

1 Comment 8:41 pm

देश का गौरव हूॅं मैं मेरा स्वर्णिम इतिहास है, चंद्रगुप्त मौर्य के शासन का चाणक्य की नीति का साक्षात मैं[...]

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Amarnath Trivedi

बिहार की शान- अमरनाथ त्रिवेदीबिहार की शान- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 3:04 pm

अखिल   भारतवर्ष    में, बिहार की अलग  पहचान है। यह महावीर संग बुद्ध की माटी है, यह  बिहार की  शान  है। उत्तर में नेपाल[...]

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Manu Raman Chetna

सुनीता तेरे धैर्य – मनु रमणसुनीता तेरे धैर्य – मनु रमण

0 Comments 9:36 pm

चहुँओर हैं छाई खुशियाँ,नवकलियांँ मुस्काई है। फ्लोरिडा के तट पर देश की बेटी, आज उतरकर आई है।। साहस शौर्य से[...]

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Bhola

मेरा बिहार मेरी पहचान – भोला प्रसाद शर्मामेरा बिहार मेरी पहचान – भोला प्रसाद शर्मा

0 Comments 7:54 pm

बिहार की माटी का क्या कहना, हर कण में बसा एक गहना। ज्ञान की गंगा यहीं से बही, बुद्ध की[...]

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Suresh Kumar gaurav

वन हैं धरती की पहचान – सुरेश कुमार गौरववन हैं धरती की पहचान – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:38 pm

वन हैं जीवन की पहचान, इनसे धरती रहे महान। शुद्ध हवा औ’ निर्मल पानी, इनसे हरियाली मुस्कानी।। पंछी गाते मीठे[...]

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होली सबकी प्यारी है- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’होली सबकी प्यारी है- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 11:12 am

आओ स्नेहिल रंग उड़ाओ, पावन होली आई है। बच्चे बूढ़े नर नारी पर, कैसी मस्ती छाई है।। सुंदर है बच्चों[...]

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