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निद्रा -बैकुंठ बिहारीनिद्रा -बैकुंठ बिहारी

0 Comments 10:54 am

निद्रा कभी वास्तविक कभी काल्पनिक होती है यह निद्रा। कभी प्रसन्नता कभी निराशा देती है यह निद्रा। कभी साहस कभी[...]

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Ram Kishore Pathak

शब्द साधना…रामकिशोर पाठकशब्द साधना…रामकिशोर पाठक

0 Comments 7:01 pm

मरहठा माधवी छंद शब्द साधना अगर, सब्र साधना, स्वयं साधा करे।शिल्प देखिए सहज, और सीखिए, मौन बाधा हरे।।अर्थ जानिए सदा,[...]

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नहीं विश्वाश होता है -रामपाल पाल प्रसाद सिंहनहीं विश्वाश होता है -रामपाल पाल प्रसाद सिंह

0 Comments 2:59 pm

गीत(विधाता छंद) नहीं विश्वास होता है सनातन धर्म अभ्यागत,धरा को लहलहाया है। नहीं विश्वास होता है,कि मानव ने बनाया है।।[...]

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Ram Kishore Pathak

ताका ..राम किशोर पाठकताका ..राम किशोर पाठक

0 Comments 9:11 pm

ताका ५-७-५, ७-७ १.सौम्य प्रसंग धरे नव उमंग रचना संग। साधना अंग-अंग शब्द दृष्टि विहंग।। २.सपने आते कुछ कह भी[...]

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Ajay

मौन संगीत.. डॉ अजय कुमार “मीत”मौन संगीत.. डॉ अजय कुमार “मीत”

0 Comments 7:22 pm

मौन पड़ी मन वीणा को भावों ने झंकृत कर डालाजग उठे मौन से संगीत। कोरे कागज पर लेखनी दौड़ीआड़े-तिरछे अक्षर[...]

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आह्वान…विजय शंकर ठाकुरआह्वान…विजय शंकर ठाकुर

0 Comments 3:05 pm

सवेरे उठकर जल्दी जाओ,लोकतंत्र का पर्व मनाओ।       भैया भौजी, चाचा आओ,        दादा दादी को भी लाओ।मतदाता पर्ची को लेकर,कतार में[...]

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गर्व से हिंदू कहे तो..रामपाल प्रसाद सिंहगर्व से हिंदू कहे तो..रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 2:59 pm

सुमेरु छंद (10,9)1222 12, 22 122 गर्व से हिंदू कहे तो। घटा घनघोर नभ,छाई कहाॅं से।गई थी लौट कर,आई कहाॅं[...]

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किसानों की बेचैनी..जनेंद्र प्रसाद रविकिसानों की बेचैनी..जनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 2:54 pm

कार्तिक है बीत रही,रबी अभी लगी नहीं,आसमां में काले घन, दिखा रहे नैन हैं। खेतों में   तैयार  धान, आती नहीं[...]

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बाल कविता आओ मिलकर छठ करें..अवधेश कुमारबाल कविता आओ मिलकर छठ करें..अवधेश कुमार

0 Comments 2:43 pm

अस्ताचल सूरज को, हम सब ही प्रणाम करें,उगते सूरज और छठ माता की पूजा, सच्चे मन से करें। संध्या अर्घ्य[...]

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