दादी हैं खुशियों के खजाने , दूध , मलाई देती हैं। हम हैं उनके पोता, पोती, हमें गोदी में उठा लेती हैं। मम्मी का जब गुस्सा आता, दादी ही हमें …
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अनोखा व्रत करवा चौथ – अमरनाथ त्रिवेदी
करवा चौथ का व्रत, हर वर्ष में एक बार आता है । सुखद स्मृतियों के सुभग तान से, यह जीवन धन्य कर जाता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में…
करवा चौथ- रत्ना प्रिया
सुख, समृद्धि, सौभाग्ययुक्त यह करवा-चौथ त्यौहार है, दांपत्य के मधुर प्रेम का, प्रेम पूर्वक उपहार है। गणेश, गौरी का पूजन करके, रजनीपति को ध्यायें हम, विघ्नहर्ता को शीश झुकाकर सुख-सौभाग्य…
मेरे दोस्त – संजय कुमार
ये कैसे दोस्त हैं मेरे मुझे बूढ़ा होने नहीं देते सभी दूर हैं मुझसे कोई नहीं है आस-पास। पर सभी जुड़े हैं एक दूसरे से मोतियों की माला की तरह…
शरद पूर्णिमा – रूचिका
शरद पूर्णिमा का सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता चाँद। दूधिया रोशनी बिखेरता प्रेम चाँदनी संग दिलोंजान से करता। घटता बढ़ता चाँद वक़्त परिवर्तन की सुंदर कहानी कहता। शीतलता चाँद…
दोहावली- रामकिशोर पाठक
अपने मन की कीजिए, रखकर मन में चाव। औरों की वो मानिए, जो हो सही सुझाव।। सत्य वचन हीं बोलिए, रखकर मधुर जुबान। वैसा सत्य न बोलिए, जो करे…
सत्प्रवृत्ति के सोपान – अमरनाथ त्रिवेदी
कर्त्तव्य हमारे ऐसे हों नित , जहाँ मन की मलिनता न छाए। सदुपयोग, अधिकार का ऐसे करें , जहाँ अहंकार तनिक भी न आए। परहित धर्म कभी न छोड़ें ,…
चिड़िया रानी – रूचिका
चूँ चूँ करती चिड़िया आती दाना-पानी कहाँ से लाती। क्या खाती और क्या वह पीती, बोलो बोलो कैसे वह जीती।। खेतों में, खलिहानों में, हरे-भरे मैदानों में, घर के आँगन,…
मम्मी दुनिया से निराली है – अमरनाथ त्रिवेदी
दुनिया चाहे कुछ भी कह ले मम्मी ही हमारी जान है। हर सुख-दुःख में साथ वह देती , मम्मी ही हमारी पहचान है।। मम्मी की बात मीठी होती, लगती हमें …
मेरे राम- स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
राम जप है, राम तप है, राम आदि अंत है। राम राग, राम त्याग, राम तो अनंत है। राम जप है, राम तप है, राम आदि अंत है। ज्ञान…