Category: Uncategorized

Amarnath Trivedi

शिक्षा का हम लें मशाल- अमरनाथ त्रिवेदीशिक्षा का हम लें मशाल- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 7:57 am

शिक्षा का हम लें  मशाल, कदम मिलाकर रक्खें चाल। शिक्षा के बिन मिलता नहीं ताल, ज्ञान  ही  लेता सबका  हाल। पढ़ने से कभी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

प्रार्थना – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’प्रार्थना – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 7:47 am

हंसवाहिनी, ज्ञानदायिनी करें धवल शुचि मन-अभिराम। आए हैं हम शरण तुम्हारी, विनय करें शुभदे निष्काम।। हाथ जोड़ माँ द्वार खड़े[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
ram किशोर

दोहावली- रामकिशोर पाठकदोहावली- रामकिशोर पाठक

0 Comments 7:37 am

है महाकुंभ स्नान का, वेदों में गुणगान। अमृत स्नान बेला सुखद,करे तेज प्रदान।। त्रिवेणी जल प्रयाग का, मन से करिए[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Amarnath Trivedi

अपने बोल में मिसरी घोलें- अमरनाथ त्रिवेदीअपने बोल में मिसरी घोलें- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:43 am

अपने बोल  में  मिसरी  घोलें, सबके  दिल  के ताले  खोलें। हम हैं बच्चे   बहुत   सयाने, मीठे बोल के  बहुत   दीवाने। हर मुश्किल में[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
ram किशोर

थल सेना दिवस – रामकिशोर पाठकथल सेना दिवस – रामकिशोर पाठक

0 Comments 8:30 am

सीना तानकर जो खड़े, देश हित दिन रात में। सो रहे हैं चैन से हम, परिजनों के साथ में। तिरंगा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Suresh Kumar gaurav

वीरों से चमके गगन सदा- सुरेश कुमार गौरववीरों से चमके गगन सदा- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 2:58 pm

तलवार-सी तेज़ है, हर जवान का हौसला, चट्टानों से टकराए, रुके ना कभी काफिला। तिरंगे की शपथ ले, बढ़ते वो[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
ram किशोर

दोहावली – रामकिशोर पाठकदोहावली – रामकिशोर पाठक

0 Comments 12:36 pm

मने हमारे देश में, नित्य नये त्योहार। मकर रवि का प्रवेश जब,खुशियाँ तभी अपार।। बाँट रहे खुशियाँ सभी, मिलजुल कर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Girindra Mohan Jha

मकर संक्रांति- गिरीन्द्र मोहन झामकर संक्रांति- गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 11:45 am

बच्चों ! जानो आज मकर संक्रांति है, सूर्यदेव की मकर राशि में विश्रांति है, मकर राशि में जाते ही उनका[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Suresh Kumar gaurav

मकर संक्रांति – सुरेश कुमार गौरवमकर संक्रांति – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 2:50 pm

  सूरज की किरणें संग उमंग लाई, मकर संक्रांति ने खुशियाँ बरसाई। खिचड़ी की महक, तिल-गुड़ का मिठास, हर मन[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Vivek Kumar

जागो उठो और आगे बढ़ो – विवेक कुमारजागो उठो और आगे बढ़ो – विवेक कुमार

0 Comments 8:05 pm

सृष्टि पर, यशस्वी कर्मठ, संत हुए एक महान, थी उनकी अलग पहचान। सरल सौम्यता, थी जिनकी शान, वो कोई और[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें