नित पढ़ने को स्कूल चलें हम, किसी बात पर नहीं लड़ें हम। जीवन में खुशियाँ भरने को, नित बस्ता लें[...]
Category: Uncategorized
मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक
वीणा रखती हाथ में, सुर संगीत साथ में, जीवन में आनंद हो, भाव रस पीजिए। मॉं तेरी हंस सवारी, लगती[...]
सरस्वती वंदना – सुरेश कुमार गौरवसरस्वती वंदना – सुरेश कुमार गौरव
वीणा वादिनी, ज्ञान की देवी, माँ शारदे, करूँ मैं अर्पण। बुद्धि, विवेक, नीति की ज्योति,तेरे चरणों में समर्पण॥ बालक बनें[...]
बापू सदा अमर रहेंगे – सुरेश कुमार गौरवबापू सदा अमर रहेंगे – सुरेश कुमार गौरव
सत्य अहिंसा का था नारा, जिसने भारत को सँवारा। बापू के दृढ़ संकल्पों से, फूटा स्वाधीनता की धारा। चलते थे[...]
Time: Ramkishor PathakTime: Ramkishor Pathak
Time is money Keep it is palm Taste as honey Have peace and calm Who fail to go with it[...]
प्रभु तेरा ठिकाना कहाँ- संजय कुमारप्रभु तेरा ठिकाना कहाँ- संजय कुमार
प्रभु मैं परेशान,थके हाल हूँ क्योंकि तेरी दिल से आराधना करता हूँ पर तुझे कहाँ ढूढूँ ये तो बता अपनी[...]
दोहावली- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
गौरव का यह है दिवस, भारत का गणतंत्र। समरसता का भाव ही, दिव्य मूल है मंत्र।। भारत प्यारा देश है,[...]
आजादी के दीवाने – रत्ना प्रियाआजादी के दीवाने – रत्ना प्रिया
आजादी के दीवाने वे, गोली खाई, जेल गए, फाँसी के फंदे को चूमा, हर संकट को झेल गए। भारती के[...]
मधुमय देश बनाना है – डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या”मधुमय देश बनाना है – डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या”
सुरभित सुंदर संस्कार का अद्भुत देश हमारा है, भगत सिंह, गाँधी सुभाष संग हमने भी दिल हारा है। तरुणाई के[...]
दोहावली- रामकिशोर पाठकदोहावली- रामकिशोर पाठक
निर्णायक जन-जन जहॉं, सफल वहीं गणतंत्र। समता जिसके मूल में, भागीदारी मंत्र।। छब्बीस जनवरी शुभद, दिवस हुआ गणतंत्र। संविधान लागू[...]
