Category: Uncategorized

मनहरण घनाक्षरी- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’मनहरण घनाक्षरी- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 8:29 pm

निपुण का भाव भर, पहुँच प्रदान कर, बुनियादी ज्ञान से ही, बच्चों को जगाइए। संख्या की समझ लाएँ, प्रतिपुष्टि गुण[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Amarnath Trivedi

कीर्ति के धनी राजेंद्र बाबू- अमरनाथ त्रिवेदीकीर्ति के धनी राजेंद्र बाबू- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 5:28 pm

सच में  इस  दुनिया  में  जिया  वही , जिसे  जाने के बाद भी लोग  याद करते हैं। वरना जीते जी [...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

नन्हे बच्चे – प्रियंका कुमारीनन्हे बच्चे – प्रियंका कुमारी

0 Comments 2:00 pm

  नन्हे बच्चे मन के सच्चे लगते हैं वे कितने अच्छे है तोतली उनकी वाणी सदा ही करते हैं मनमानी।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Nitu Rani

छुआछूत- नीतू रानीछुआछूत- नीतू रानी

0 Comments 1:36 pm

भारत के ये वीर सपूत, जिसने मिटाया छुआछूत। रामजी मालोजी सकपाल के थे सुपुत्र भीमाबाई के थे चौदहवीं पुत्र। गरीब[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Amarnath Trivedi

मानव जीवन के निहितार्थ – अमरनाथ त्रिवेदीमानव जीवन के निहितार्थ – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 12:34 pm

माटी का  यह   बना  खिलौना, एक दिन माटी में मिल जाएगा। कोई नहीं  होगा हम  सबके संग, केवल धर्म-अधर्म  साथ [...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Amarnath Trivedi

प्यारे-न्यारे चंदा मामा- अमरनाथ त्रिवेदीप्यारे-न्यारे चंदा मामा- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 7:31 pm

चंदा मामा चंदा  मामा, लगते कितने प्यारे हो। अनगिनत तारों के संग तू , लगते शीतल न्यारे हो। तुममें जो[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Suresh Kumar gaurav

शिक्षा है संकल्प हमारा – सुरेश कुमार गौरवशिक्षा है संकल्प हमारा – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:19 pm

  शिक्षा है संकल्प हमारा, ज्ञान का दीप जलाना है। अज्ञान तिमिर को हराकर नई राह दिखलाना है। शब्दों का[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

दोहावली- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 9:38 am

  मन में सोच-विचार कर, करिए नव संकल्प। जीवन में सद्भावना, कभी नहीं हो अल्प। दान-पुण्य की भावना, हो जीवन[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Amarnath Trivedi

इंसानियत की शान – अमरनाथ त्रिवेदीइंसानियत की शान – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 7:58 am

इंसानियत की शान इंसान की जान पर ही, यह  सारा  चमन जहान है। इंसानियत के शान पर ही , यह सकल [...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 9:22 am

रखें शिष्य के शीश पर, गुरु आशिष का हाथ। तिमिर सर्वदा दूर हों, पथ आलोकित साथ।। विद्यालय है ज्ञान का,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें