आयी जब से जालिम सर्दी सबका जीना मुश्किल कर दी। छाया है चहुंओर कुहासा देखो सर्दी की बेदर्दी। सन सन[...]
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क्या यही है नव वर्ष का त्योहार- नीतू रानीक्या यही है नव वर्ष का त्योहार- नीतू रानी
क्या यही है नव वर्ष का त्योहार जिस त्योहार में मारे जाते हैं कई निर्दोष जीवों के परिवार, क्या यही[...]
आनंद का पल है -एस.के.पूनमआनंद का पल है -एस.के.पूनम
छंद:-मनहरण घनाक्षरी प्रातःकाल की बेला में,खड़ी यमुना किनारे, गागर भरतीं राधा,लेतीं नदी जल है। आरती माधव संग,बोल उठी अंग-अंग, केशव,मोहन[...]
किसान-एस.के.पूनमकिसान-एस.के.पूनम
रश्मियां निकल आईं,पूरब में लोहित छाईं, कृषक तराने गाएं,अभी प्रातःकाल है। निकला विस्तर छोड़,देखा खेत-खलिहान, किसानों का मुखड़ा भी,देख खुशहाल[...]
इंसान बना हैवान- अमरनाथ त्रिवेदीइंसान बना हैवान- अमरनाथ त्रिवेदी
इंसान बना हैवान , कि धरती डोल उठी । न रही मानवता की शान, कि धरती बोल उठी । जहाँ[...]
मामा – शेखर कुमार सुमनमामा – शेखर कुमार सुमन
मामा देखो मेरे मामा आए, साथ अपने आम लाए | लीची भी वो लाते है, रसगुल्ले खूब खिलाते है |[...]
मैं सेवानिवृत्त हो गयामैं सेवानिवृत्त हो गया
पूर्ण हुए जीवन के साठ साल मैं सेवानिवृत हो गया जीवन से नहीं, नौकरी से हां, मैं सेवानिवृत हो गया[...]
हिंदी – अनुपमा अधिकारीहिंदी – अनुपमा अधिकारी
हिंदी भारत की शान है हिंदी हमारी पहचान है शान से हिंदी बोलते और लिखते हैं, हिंदी ही हम सबका[...]
मेरी प्यारी हिंदी – डॉ.अनुपमा श्रीवास्तवा मेरी प्यारी हिंदी – डॉ.अनुपमा श्रीवास्तवा
“हिंद” देश के वासी हैं हम हिंदी हम सब की बोली है, “माँ” जैसी ही प्यारी हिंदी “माँ” जैसी ही[...]
शिक्षक की चाह-अपराजिता कुमारीशिक्षक की चाह-अपराजिता कुमारी
मैं शिक्षक हूंँ, हाँ मैं शिक्षक हूंँ मैंने चाहा शिष्यों को शिखर तक ले जाने वाला बनूं, मैंने चाहा अपने[...]
