भारत में शिक्षा घोटाला

भारत में शिक्षा घोटाला शिक्षा के पवित्र गलियारों में अब सम्मान बिकने लगा है। पहले शिक्षक के कानों में मीठे शब्द फुसफुसाए जाते हैं— “आप अद्भुत हैं, आप प्रेरणा हैं,…

भोर हुआ..रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

बिंदु छंद 10 वर्ण।211 211  2 222**********************भोर हुआ अरु लाली छायी।पंकज नैनन है हर्षायी।।नाच रहे खग डाली-डाली।हाथ अथाह बजाए ताली।। मारुत पश्चिम से है आया।भाव सुवासित गाना गाया।।हर्षित हैं तरुओं…

जिंदगी का सच ..अमरनाथ  त्रिवेदी

जिंदगी आज  है कल  नहीं  मिलेगी ,दुनिया  तो  इसी  तरह  चलेगी ।बहकावे में न तू किसी के आना ,तभी तो  बहारें खुशियाँ  मिलेंगी । जमाने   महफ़िल शोर है  ज्यादा ,भूलो  न कभी  तुम अपना  वादा ।जिंदगी   भर    तो  जीना  पड़ेगा , न  बदलो   कभी…

नववर्ष तुम्हारा स्वागत है..आशीष अंबर

कविता नववर्ष तुम्हारा स्वागत है,खुशियाँ मिले सबको बस यही चाहत है । नया जोश, नया उल्लास छाया है,खुशियाँ लेकर अपार नववर्ष आया है । तोड़कर नफरत भरी सब दीवारें अब,प्रेम…

नए वर्ष की नयी उम्मीदें -रुचिका

नए वर्ष की नयी उम्मीदें देखो, फिर ठिठुरते,कंपकंपाते दिसंबर की सर्द रातों संग ये वर्ष अपनी अंतिम साँसें ले रहा है और फिर हमारे सोचों का सिलसिला जनवरी से लेकर…

चाहता चरण धूल -जैनेंद्र प्रसाद रवि

चाहता चरण धूल नहीं मांँगता हूंँ धन, भरा पूरा परिजन, भावना सहित तन-मन हो समर्पित। पास नहीं फल-फूल, चाहता चरण धूल, श्रद्धा सुमन तुझको करता हूंँ अर्पित। तेरी करूणा कि…

शुभ भोर -रामपाल प्रसाद सिंह

शुभ भोर हो गया उजियारा। मनमोर नाचता है प्यारा।। “अनजान”साॅंस भरपूर लिए। अनमोल ज्ञान भरपूर दिए।। खग जाग भाग कर गगन छुए। पशु दौड़ भाग कर मगन हुए।। कितना लहलह…