एक युग का विराम-संजीत कुमार निगम 

आपने जो बिहार को दिया,

रहेगा सदा कर्जदार बिहार

दे रहे राज्यसभा के लिए बधाई आपने 

पर आपका CM पद छोड़ना कैसे सहेगा बिहार,

कुर्सियाँ बदल तो जाएँगी,

पर उम्मीद है आपकी सेवा की पहचान नहीं बदलेगी।

आपने यह अचानक कैसा निर्णय लिया,

पूछ रहा है हर दिल, रो रहा है पूरा बिहार।

जिसने विकास की राह दिखाई,

जिसने सुशासन की मिसाल कायम की,

जिसने अंधेरों से हमें उबारा,

जिसने हर गांव-गली को रोशनी से संवारा।

आपकी खुशबू सदा महकाएगी बिहार।

जिसने पक्की सड़कों से सपनों को पंख दिए,

जिसने उम्मीदों को हौसलों की उड़ान दी।

जिसने आधुनिक बिहार में शिक्षा का अलख जगाया,

जिसने सोए हुए शिक्षार्थियों को फिर से जगाया।

आपके जाने के बाद

किसी गैर का हाथ कैसे थमेगा बिहार,

खुद को कैसे समझाएगा बिहार ।।

संजीत कुमार निगम 

प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा तिरसकुंड फारबिसगंज अररिया

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