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गंगाधर शिव को मन रखिए।
भोले बम-बम का फल चखिए।।
हैं सुंदर शिव शंकर सबके।
लेते अघ हर मानव जन के।।
मायापति वृषदा दुख भखिए।
गंगाधर शिव को मन रखिए।।०१।।
ओमेश्वर नट मालिक जग के।
न्यायी अनमय रक्षक सबके।।
दाता हिय निज चिंतन लखिए।
गंगाधर शिव को मन रखिए।।०२।।
हैं शोभन मुनि मंगल करते।
आलोकित मन संशय हरते।।
भूलें शिव तब सागर मखिए।
गंगाधर शिव को मन रखिए।।०३।।
गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।
संपर्क – ९८३५२३२९७८

