कैसे हो देश में चैनो अमन-मधुमिता

Madhumita

कैसे हो देश में चैनो अमन

ऐ वतन ऐ वतन, लहराए तिरंगे संग गगन
बच्चे हो या बूढ़े दिखते सभी मगन
खिल-खिला उठा हर घर का आंगन
कुर्बान हुए शहीदों को हमारा शत-शत नमन

जब-जब ये तिरंगा लहराएगा
वीर शहीदों की कुर्बानी याद दिलाएगा
अपने स्वर्णिम इतिहास को कैसे कोई भुलाएगा?
क्या भारत फिर से सोने की चिड़िया बन पाएगा?

ऐ वतन ऐ वतन लहराए तिरंगे संग गगन
देश प्रेम की लगी लगन
सन 57 में जली जो आजादी की अगन
जागा सारा देश सब में थी बस यही लगन
कैसे हो देश में चैनो अमन?

मातृभूमि पर शीश चढ़ाने
कूद परे आजादी के परवाने
मरकर भी फिरंगी को हराने
सब थे तैयार, मिटने और मिटाने

ऐ वतन ऐ वतन, लहराए तिरंगे संग गगन
सबमें थी, बस यही लगन
कैसे हो, देश में चैनो अमन?
मानवता का हो रहा दमन

कैसे रोके, अंग्रेजों का अत्याचार?
गूंज उठी, वीरों की हुंकार
डोला अंग्रेजों का अहंकार
मच गया चहुँ ओर हाहाकार

ऐ वतन ऐ वतन लहराए तिरंगे संग गगन
कहे सबका अंतर्मन
छोड़ेंगे न मातृभूमि का दामन
निकल पड़े सब सर पर बांधे कफन

हौसला देख भारतवासियों का
टूटा अभिमान दुराचारीयों का

इस मिट्टी में जन्मे कितने महान
लक्ष्मीबाई और रजिया सुल्तान
भगत सिंह सुभाष चंद्र बोस और गाँधीजी
जैसे सपूतों पर देश करे सदा अभिमान

ऐ वतन ऐ वतन लहराए तिरंगे संग गगन
वीर शहीदों की कुर्बानी को करते हम नमन
करें सदा हम यही चिंतन
कैसे हो देश में चैनो अमन

मधुमिता✍✍
मध्य विद्यालय सिमलिया
बायसी पूर्णिया (बिहार)

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