ज़ब ज़ब बिहार दिवस आता है खुशियों से चमन मुस्काता है।
बढ़ते बिहार के क़दमों से मन अति प्रसन्न हो जाता है ।
बिहार दिवस तरुणाई भी मन भी झंकृत कर जाता है।.
विकास के अनवरत कार्यों से जीवन में उमंग सदा छा जाता है।
निः सृत होती है यहाँ सदा फाग ,यह मन को भी रंग जाता है।
यह केवल रेत पर नहीं पाथर पर भी,अपना अमिट रंग जमाता है।
धरोहर को धवल रख मर्यादा का पाठ पढ़ाता है ।
नए -नए विचारों से हरदम हर दिन रूबरू कराता है ।
प्रगति की राह इतनी विस्तृत ,पर हर थाती को भी गले लगाता है,
सीमा का यह प्रहरी भी खुद यह उमंग जोश ले आता है ।
गंगा की लहरों के आर पार यह प्रगति की बयार बहाता है,
क्षमता है यहाँ के लोगों में माटी से सोना उपजाता है ।
कभी सड़क पुल , पुलिया की थी विकट स्थिति पर
आज पक्की सड़क सुहाता है,
लोगों के आने जाने में न तनिक कभी क़ोई बाधक बन जाता है ।
ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्रों में प्रगति की बहार ले आया है,
आज घर -घर रौशनी फ़ैल रही अब खेतोँ में भी बिजली से पानी आया है ।
सम्पूर्ण क्रांति के दौर में बिहार की भूमिका अति निराली है ,
यहाँ हर जीव का ख्याल रखा जाता यह बात बड़ी मतवाली है ।
निष्ठा है यहाँ के लोगों की बिहार को समुन्नत बनाना है ,
अपने प्रदेश के नक़्शे को विश्व में स्थापित करवाना है।
कर्म यहाँ हर नर नारी का समतामूलक भाव से जुड़े हुए ,
अधिकार भी यहाँ उनको मिलता जो निज कर्त्तव्य से हैं सने हुए ।
बच्चे पढ़ते हैं खेल – खेल में यही नया नया नवाचार है ,
बिहार के शिक्षण संस्थानों में यह फैला हुआ आचार है ।
आधुनिक बिहार की प्रगति ही इसकी नई कहानी है , इसका क़ोई जोर नहीं सच में सबने यही बखानी है ।
अमरनाथ त्रिवेदी
पूर्व प्रधानाध्यापक
उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैंगरा
जिला मुजफ्फरपुर

