समस्या का निदान -जैनेंद्र 3

Jainendra

समस्या का निदान
(रूप घनाक्षरी छंद)

उद्यम से समस्या का
मिलता निदान सदा,
कर्मवीरों की मदद, करते हैं भगवान।

राम-कृष्ण गांधी जी के
जीवन में सिखाया है,
धैर्यवानों की होती है, विपत्ति में पहचान।

मुसीबत आने पर
होता ना जो विचलित,
ऋषि-मुनि कहते हैं, सच्चा है वही इंसान।

द्वापर में पांडवों ने
कठिन संघर्ष किया,
आखिर सफल हुए, कहता है गीता ज्ञान।

जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
सेवा निवृत्त शिक्षक,
म.वि, बख्तियारपुर, पटना।

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