शून्य दिवस नीतू रानी

-शून्य दिवस।

आज है शून्य दिवस,
जैसे बिना यात्री का बस।

शून्य का मतलब गोल और खाली,
जैसे दिखता सूरज की लाली।

शून्य का मतलब एक बिंदु होता,
जिससे एक बड़ा संसार है बनता।

बिना शून्य का प्राकृत संख्या,
शून्य लगाकर पूर्ण होता संख्या।

एक पर शून्य बैठाते जाओ,
लाखों ,अरब, खरब तक जाओ।

शून्य से ऊपर चढ़ना होता,
शून्य पर आकर गिरना होता।

कभी -कभी शून्य दिवस मनाओ,
शून्य के बारे में बच्चों को बताओ।

नीतू रानी, विशिष्ट शिक्षिका।
स्वरचित शून्य पर कविता।
स्कूल -म०वि० रहमत नगर सदर मुख्यालय पूर्णियाँ बिहार।

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