विषय -बाल कविता।
शीर्षक -कछुआ , बिल्ली, घोड़ा जिराफ।
मैंने बनाई चार्ट पेपर से
कछुआ, बिल्ली, घोड़ा ,जिराफ,
देखने में लगते हैं ओरिजनल
और दिखते सुंदर और साफ।
बिल्ली घर इधर उधर करती
रसोईघर में चुपके से घुसती,
दूध रखे बर्तन में मुँह लगाती
तुरंत दूध को चट कर जाती।
घोड़ा खाता दिन भर घास
चरता रहता घर के आस पास,
घोड़ा हीं एक ऐसा पशु है
जो बैठकर नही खड़े सोता है।
कछुआ धीरे -धीरे चलता
पानी में रहकर भोजन करता,
एक दिन खरगोश के साथ दौड़ लगाया
खरगोश को पीछे छोड़ आया।
जानवर में सबसे लंबा होता जिराफ
खा नही सकता नीचे घरती का घास ,
लंबे- लंबे पेड़ के पत्तों को खाता
देखने में बड़ा मन भाता।
नीतू रानी, विशिष्ट शिक्षिका, स्वरचित बाल कविता।
स्कूल -म०वि० रहमत नगर सदर मुख्यालय पूर्णियाँ बिहार।
