Suresh-kumar-gaurav

संस्कारों का संगम- सुरेश कुमार ‘गौरव’संस्कारों का संगम- सुरेश कुमार ‘गौरव’

0 Comments 8:03 pm

“संस्कारों का संगम” संयुक्त कुल की छाया में, बचपन बुनता स्वप्न सुनहरे। दादी की गाथा, दादा की सीख, संस्कार बिखरें[...]

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Snehlata

आँचल मैं भर लूँ- स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’आँचल मैं भर लूँ- स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

0 Comments 7:43 pm

आँचल मैं भर लूँ मैं सावित्री बन ईश्वर से , पिय प्राण वरण कर लूँ। मैं काल के नियमों को[...]

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वट-सावित्री – दोहा छंद – राम किशोर पाठकवट-सावित्री – दोहा छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:40 pm

वट- सावित्री – दोहें खास अमावस ज्येष्ठ को, मिलता ऐसा योग। पति की रक्षा कर सके, नारी निज उद्योग।।०१।। सती[...]

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Amarnath Trivedi

हम नन्हें-मुन्हें बालक हैं – अमरनाथ त्रिवेदीहम नन्हें-मुन्हें बालक हैं – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 7:37 pm

हम नन्हें-मुन्हें बालक हैं हम नन्हें-मुन्हें है बालक, दिल के बहुत हीं भोले। कोई पूछता जब हमसे, हैं बन  जाते बड़बोले।। जागने[...]

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Devkant

ज्ञान दीप जलता जहाँ- दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’ज्ञान दीप जलता जहाँ- दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 7:32 pm

ज्ञान दीप जलता जहाँ – दोहावली “””””””‘”””‘””””””””””””””””””'””””””””””””””””'””””””” विद्यालय के छात्र को, नित्य दीजिए ज्ञान। पावन शुचिता ज्ञान ही, जीवन का[...]

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Amarnath Trivedi

लक्ष्य की प्राप्ति – अमरनाथ त्रिवेदीलक्ष्य की प्राप्ति – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 6:23 pm

लक्ष्य की प्राप्ति लक्ष्य तेरे बहुत बड़े हों, यह नहीं कोई जरूरी। हर बात में कोई साथ दे, यह नहीं[...]

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सुनो बेटियों – हिंदी गजल – राम किशोर पाठकसुनो बेटियों – हिंदी गजल – राम किशोर पाठक

0 Comments 6:21 pm

सुनो बेटियों – हिंदी गजल शस्त्र ले हाथ में अब अड़ो बेटियों। युद्ध तुम कालिका- सी लड़ो बेटियों।। आज तक[...]

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Amarnath Trivedi

जहाँ चाह वहाँ राह हमारी – अमरनाथ त्रिवेदीजहाँ चाह वहाँ राह हमारी – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:04 pm

जहाँ चाह वहाँ राह हमारी जिंदगी जीने की करें तैयारी , जहाँ चाह  वहाँ राह हमारी । पर मनमानी करें[...]

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Suresh-kumar-gaurav

कछुए की चाल- सुरेश कुमार गौरवकछुए की चाल- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:00 pm

कछुए की चाल धीरे-धीरे चलता कछुआ, धैर्य-ध्वनि-सा बलता कछुआ। शांत, सहज, संकल्पी लगता, मौन मगर हर पलता कछुआ।। जल-थल दोनों[...]

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विश्व कछुआ दिवस – भूषण छंद – राम किशोर पाठकविश्व कछुआ दिवस – भूषण छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:58 pm

विश्व कछुआ दिवस – भूषण छंद आज हुआ कछुआ दुर्लभ, रहता है जल के भीतर। कर सकता भी है थल[...]

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