मनहरण घनाक्षरी आमोद प्रमोद संग, मन में भरे उमंग, आह्लाद विनोद रंग, नृत्य कर लीजिए। तन मन झूम उठे, आलस्य[...]
जमीनी आदमी ठहरा – एस.के.पूनमजमीनी आदमी ठहरा – एस.के.पूनम
विधाता छंद। विनय से हाथ जो जोड़ा, झुकाया शीश भी अपना। लिए मुस्कान, हूँ हर्षित, रहा मैं देखता सपना।। सजग[...]
आतंक एक नासूर – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’आतंक एक नासूर – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
रुप घनाक्षरी छंद में सीमाओं की रक्षा हेतु, कुर्बानी भी देनी होगी, कभी नहीं अधिकार, माँगा जाता हाथ जोड़। बार-बार[...]
धरा विचार – मुक्तामणि छंद – राम किशोर पाठकधरा विचार – मुक्तामणि छंद – राम किशोर पाठक
धरा विचार – मुक्तामणि छंद धरती कहती प्रेम से, सुनें प्यार से बातें। भूल अगर करते नहीं, आज नहीं पछताते।।[...]
दोहा – सुधीर कुमारदोहा – सुधीर कुमार
दोहा कुँवर सिंह मात्रा — २४ यति — १३,११ कुँवर सिंह के त्याग को , कैसे जाएँ भूल । देश[...]
समीक्षा लोग ही करते – एस.के.पूनमसमीक्षा लोग ही करते – एस.के.पूनम
विधाता छंद (1) कलम है पास में मेरे, सदा तैयार लिखने को। पटल पर खास शब्दों को, उकेरा है सिखाने[...]
विश्व कार्यस्थल सुरक्षा एवं स्वास्थ्य दिवस – राम किशोर पाठकविश्व कार्यस्थल सुरक्षा एवं स्वास्थ्य दिवस – राम किशोर पाठक
मनहरण घनाक्षरी कार्यस्थल पर कहीं, दुर्घटना घटे नहीं, स्वास्थ्य सदा रहे सही, ध्यान यह धारिए। सभी जो है कर्मचारी, राष्ट्रहित[...]
शेष नहीं – शिल्पीशेष नहीं – शिल्पी
बहरहाल अर्ध हूँ मैं मेरे शून्य का कुछ प्रतिशत मृत्यु के द्वार पर है खड़ा शेष बाट जोह रहा इसके[...]
मौन नहीं रहना (पहलगाम पर) – राम किशोर पाठकमौन नहीं रहना (पहलगाम पर) – राम किशोर पाठक
मौन नहीं रहना– मतगयंद सवैया छंद पार करें दुःख की घड़ियाँ हम, मौन नहीं रहना अब सीखें। छोड़ दिए हम[...]
अफवाहों के दौर में – राम किशोर पाठकअफवाहों के दौर में – राम किशोर पाठक
छंद – कुण्डलिया अफवाहों के दौर में, रहिए ज़रा सतर्क। दिल से करके देखिए, मिलता क्या है तर्क।। मिलता क्या[...]
