Amarnath Trivedi

लक्ष्य की प्राप्ति – अमरनाथ त्रिवेदीलक्ष्य की प्राप्ति – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 6:23 pm

लक्ष्य की प्राप्ति लक्ष्य तेरे बहुत बड़े हों, यह नहीं कोई जरूरी। हर बात में कोई साथ दे, यह नहीं[...]

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सुनो बेटियों – हिंदी गजल – राम किशोर पाठकसुनो बेटियों – हिंदी गजल – राम किशोर पाठक

0 Comments 6:21 pm

सुनो बेटियों – हिंदी गजल शस्त्र ले हाथ में अब अड़ो बेटियों। युद्ध तुम कालिका- सी लड़ो बेटियों।। आज तक[...]

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Amarnath Trivedi

जहाँ चाह वहाँ राह हमारी – अमरनाथ त्रिवेदीजहाँ चाह वहाँ राह हमारी – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:04 pm

जहाँ चाह वहाँ राह हमारी जिंदगी जीने की करें तैयारी , जहाँ चाह  वहाँ राह हमारी । पर मनमानी करें[...]

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Suresh-kumar-gaurav

कछुए की चाल- सुरेश कुमार गौरवकछुए की चाल- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:00 pm

कछुए की चाल धीरे-धीरे चलता कछुआ, धैर्य-ध्वनि-सा बलता कछुआ। शांत, सहज, संकल्पी लगता, मौन मगर हर पलता कछुआ।। जल-थल दोनों[...]

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विश्व कछुआ दिवस – भूषण छंद – राम किशोर पाठकविश्व कछुआ दिवस – भूषण छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:58 pm

विश्व कछुआ दिवस – भूषण छंद आज हुआ कछुआ दुर्लभ, रहता है जल के भीतर। कर सकता भी है थल[...]

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Amarnath Trivedi

शिक्षा में मातृभाषा की उपयोगिता – अमरनाथ त्रिवेदीशिक्षा में मातृभाषा की उपयोगिता – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 5:46 pm

शिक्षा में मातृभाषा की उपयोगिता सही    शिक्षा  सफल तभी  होती  , जिसमें मातृभाषा का उपयोग निश्चित हो । मातृभाषा ही[...]

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Suresh-kumar-gaurav

शौर्य की शपथ – सुरेश कुमार गौरवशौर्य की शपथ – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 5:41 pm

“शौर्य की शपथ” हिंसा की ज्वाला न जलने देंगे, भारत माँ को न छलने देंगे। धरती पर जो शांति उगाई,[...]

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राष्ट्रीय आतंक विरोधी दिवस – राम किशोर पाठकराष्ट्रीय आतंक विरोधी दिवस – राम किशोर पाठक

0 Comments 5:39 pm

राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस – गजल आप आतंक से लड़ सकें जो कभी, रोज डर से निशाना बनेगा नहीं। कौन[...]

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मातृभाषा का शैक्षिक उपयोग – भूषण छंद – राम किशोर पाठकमातृभाषा का शैक्षिक उपयोग – भूषण छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 1:45 pm

मातृभाषा का शैक्षिक उपयोग – भूषण छंद जीवन का पहला अक्षर, जिस भाषा का होता स्वर। चित का तार जुड़े[...]

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क्रिकेट में वह छाया सोना – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानक्रिकेट में वह छाया सोना – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान

0 Comments 10:58 pm

क्रिकेट में वह छाया सोना। खेल खेलना अच्छा लगता। खेल नहीं तो जीवन खलता।। जीवन को हिस्सों में बाॅंटो। बचपन[...]

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