लोरी: ममता की मीठी छाया चंदा मामा पास बुलाते, तारे झिलमिल झूला झुलाते, माँ की गोदी, प्यार की बूँदें, सपनों[...]
गर्मी की रात – आशीष अम्बरगर्मी की रात – आशीष अम्बर
गर्मी की रात । भली – भली सी लगती मुझको , ये गर्मी की रात । छत के ऊपर हल्का[...]
बच्चों को सीख- रुचिकाबच्चों को सीख- रुचिका
बच्चों को सीख सुबह सवेरे तुम उठ जाओ, पढ़ने में तुम ध्यान लगाओ, खेलो कूदो मौज करो तुम, जीवन में[...]
भारत माता का मैं लाल – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’भारत माता का मैं लाल – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
भारत माता का मैं लाल उठता नित सूरज से पहले, नित उठ करता ज्येष्ठ प्रणाम। मात पिता दादा दादी संग,[...]
फलों का राजा आम- राम किशोर पाठकफलों का राजा आम- राम किशोर पाठक
फलों का राजा आम- बाल कविता फलों का राजा होता आम। मन को ताजा करता आम।। मीठे खूब रसीले आम।[...]
स्व कर्तव्य के दीवानें – अमरनाथ त्रिवेदीस्व कर्तव्य के दीवानें – अमरनाथ त्रिवेदी
स्व कर्त्तव्य के दीवाने नन्हें मुन्ने हमें न समझें , बुद्धि के बड़े सयाने हैं । स्व कर्त्तव्य पथ पर[...]
दसों दिशाएँ – बाल कविता – राम किशोर पाठकदसों दिशाएँ – बाल कविता – राम किशोर पाठक
दसों दिशाएँ – बाल सुलभ कविता जहाँ सूरज रोज निकलता है। जिधर से नभ में चढ़ता है।। पूरब उसको कहते[...]
भारत के वीर सपूत – अमरनाथ त्रिवेदीभारत के वीर सपूत – अमरनाथ त्रिवेदी
हम भारत के वीर सपूत अभी हम सब नन्हें बच्चे , सोच बड़ा कर पाएँगे। आगे चलकर हम भारत के[...]
चंदा मामा और तितली रानी – सुरेश कुमार गौरवचंदा मामा और तितली रानी – सुरेश कुमार गौरव
चंदा मामा और तितली रानी चंदा मामा आए नभ में, चुपके से मुस्काए। तारों की महफिल में आकर, मीठे गीत[...]
मंजिल हीं एक ठिकाना है – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’मंजिल हीं एक ठिकाना है – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
मंजिल ही एक ठिकाना है मंजिल तक हमको जाना है चलना तो एक बहाना है, मंजिल ही एक ठिकाना है।[...]
