जंग अभी बाकी है रंग अभी बाकी है, बहनों के माँग उजारने वालों का कर्मकांड अभी बाकी है। जंग[...]
बुद्धं शरणं गच्छाम: – राम किशोर पाठक:बुद्धं शरणं गच्छाम: – राम किशोर पाठक:
बुद्धं शरणं गच्छाम:। संघं शरणं गच्छाम:।। चत्वारि आर्यसत्यानि, जीव जीवने संगानि, दु:खं, दु:खस्य कारणं वा, निरोधं, निरोधगामिनीं प्रतिपदा। बुद्धं शरणं[...]
धर्मचक्र प्रवर्तन – सुरेश कुमार गौरवधर्मचक्र प्रवर्तन – सुरेश कुमार गौरव
सारनाथ की पुण्य धरा पर, सूर्य उठा फिर ज्ञान गगन पर। पाँच भिक्षु जब पास आए, विनय भाव से[...]
बुद्धत्व की प्राप्ति – अमरनाथ त्रिवेदीबुद्धत्व की प्राप्ति – अमरनाथ त्रिवेदी
बड़ा लक्ष्य जिन्हें पाना हो , छोटी-छोटी बातों पर भी ध्यान दिया करते । जिन्हें अपने [...]
कर्म – नूतन कुमारीकर्म – नूतन कुमारी
कर्म धर्म का राह कभी सरल नहीं होता, अधर्म से बड़ा कोई हलाहल नहीं होता युगों – युगों तक[...]
सत्य अहिंसा का राही- रत्ना प्रियासत्य अहिंसा का राही- रत्ना प्रिया
सत्य अहिंसा का राही आत्मतत्व की ज्योति पाने, जब कोई अकुलाता है । सत्य अहिंसा का राही तब, गौतम[...]
Teddy Bear Teddy Bear – Awanish KumarTeddy Bear Teddy Bear – Awanish Kumar
Teddy Bear, Teddy Bear, Where Are You? Teddy bear, teddy bear, Where are you? I’m looking around To play with[...]
माँ का प्यार – राम किशोर पाठकमाँ का प्यार – राम किशोर पाठक
माँ का प्यार – लावणी छंद माँ का प्यार दुलार जगत में, बड़ा अनमोल होता है। माँ के चरणों[...]
माँ- डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्यामाँ- डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
माँ माँ! सुंदर ! बहुत सुंदर, शब्द ब्रम्ह समाया, अंतस्थ अन्तर्मन रोम-रोम, स्पंदन, समर्पण, सुंदर, सुरभित चितवन! माँ![...]
महाराणा प्रताप – राम किशोर पाठकमहाराणा प्रताप – राम किशोर पाठक
महाराणा प्रताप राजस्थान के मेवाड़ में, सिसोदिया राजवंश था। वीर उदय सिंह द्वितीय का, जन्म लिया एक अंश था।।[...]
