आओ सुनाऊँ तुम्हें, एक बेज़ुबान, स्वामीभक्त शुभ्रक की अमर कहानी… जब ऐबक ने राजपुताना लूटा, मेवाड़ का वैभव मिट्टी में[...]
दर्पण- राम किशोर पाठकदर्पण- राम किशोर पाठक
छंद – दोहा किरणें आती जो रही, लौटाती उस ओर। सतह परावर्तक सदा, कहलाती वह छोर।। सतह परावर्तन करे, दर्पण[...]
एक छोटी चिड़िया – नीतू रानीएक छोटी चिड़िया – नीतू रानी
एक छोटी चिड़िया, तिनका लेके आई। एक- एक तिनके से , सुंदर घोंसला बनाई। घोंसले में दी चार छोटे अंडे,[...]
यह नव वसंत कुछ बोल रहा – अमरनाथ त्रिवेदीयह नव वसंत कुछ बोल रहा – अमरनाथ त्रिवेदी
जीवन में अमृत घोल रहा , यह नव वसंत कुछ बोल रहा । कौशल है इसकी छटाओं में , हर[...]
मर्यादा की रास में – राम किशोर पाठक मर्यादा की रास में – राम किशोर पाठक
दोहा छंद मर्यादा की रास में, पंचवटी में राम। शूर्पणखा आकर वहॉं, देख रही अविराम।।१।। सूरत मोहित कर गया, जगी[...]
वन हैं धरती की पहचान – सुरेश कुमार गौरववन हैं धरती की पहचान – सुरेश कुमार गौरव
वन हैं जीवन की पहचान, इनसे धरती रहे महान। शुद्ध हवा औ’ निर्मल पानी, इनसे हरियाली मुस्कानी।। पंछी गाते मीठे[...]
विश्व विरासत दिवस – राम किशोर पाठकविश्व विरासत दिवस – राम किशोर पाठक
मनहरण घनाक्षरी सभ्यता का इतिहास, मिले जानकारी खास, करे विश्व एहसास, धरोहर पाइए। अठारह अप्रैल को, संस्कृति संरक्षण को, भूतल[...]
बिहार: संस्कृति का समृद्ध सार – सुरेश कुमार गौरवबिहार: संस्कृति का समृद्ध सार – सुरेश कुमार गौरव
राजगृह की पावन वादियाँ, ऋषियों की तपभूमि, गृद्धकूट की चोटी बोले, बुद्ध की अमिट प्रतीति। सप्तधाराएँ बहती जातीं, गूंजे जहां[...]
शिक्षक हूॅं बिहार का – राम किशोर पाठकशिक्षक हूॅं बिहार का – राम किशोर पाठक
शिक्षक हूॅं बिहार का, ज्ञान के विस्तार का। बच्चों का भविष्य मैं, मार्ग हूॅं संसार का।। अलख जगाता रहता, सबमें[...]
प्रेम की शक्ति – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’प्रेम की शक्ति – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
आओ मिल हम गायें सब गीत, है प्रेम की रीत सुहावनी भाई। प्रेम की शक्ति अपार सुनो, इस शक्ति से[...]
