दोहा छंद आओ सीखें व्याकरण, सरल ढंग से आज। दोहा की भाषा यहाँ, सहज करे हर काज।।०१।। हिंदी भाषा में[...]
मित्रवत व्यवहार – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मित्रवत व्यवहार – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
रूप घनाक्षरी छंद आपसी बढ़ाए प्रीत, लिखिए नवल गीत, अपने पराए हेतु, दिल में भरा हो प्यार। कोई नहीं बड़ा-छोटा,[...]
वीरों की भूमि- नितेश आनन्दवीरों की भूमि- नितेश आनन्द
संकट के बादल जब छाए, वीरों ने हुँकार लगाया। दुश्मन के सीने पर हमने , हर बार तिरंगा लहराया।। याद[...]
विश्व श्रमिक दिवस – राम किशोर पाठकविश्व श्रमिक दिवस – राम किशोर पाठक
मनहरण घनाक्षरी सूर्य, चंद्र ग्रह सारे, चलें श्रम के सहारे, यदि श्रम को बिसारे, कष्ट भरमार है। सृष्टि का आधार[...]
श्रमोत्सव- डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याश्रमोत्सव- डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
विश्व के धड़कन को तुम भी देख लो, झाँक कर हृदय पटल में कर नमन, श्रम की शक्ति को चलो[...]
धरती का मान बढ़ाएंगे – देव कांत मिश्र ‘दिव्यधरती का मान बढ़ाएंगे – देव कांत मिश्र ‘दिव्य
धरती का मान बढ़ाएंगे – विधा: गीत(१६-१६) जन्म लिए हैं दिव्य भूमि पर धरती का मान बढ़ाएँगे। रंग-बिरंगे फूल खिलाकर,[...]
अग्निशमन – मनु कुमारीअग्निशमन – मनु कुमारी
आओ बच्चों तुम्हें बतायें , अग्निशमन क्या होता है ? अग्नि से बचाव का यह एक , उत्तम माध्यम होता[...]
दुश्मन की गद्दारी – रत्ना प्रियादुश्मन की गद्दारी – रत्ना प्रिया
मुख में राम बगल में छुरी, लानत ऐसी यारी को । अब भारतीय नहीं सहेंगे, दुश्मन की गद्दारी को ।।[...]
सबको गले लगाएँ हम – राम किशोर पाठकसबको गले लगाएँ हम – राम किशोर पाठक
विधा: गीतिका भटके को राह दिखाएँ हम, सबको गले लगाएँ हम। कलुष भाव के घोर तिमिर में, प्रेम-पुंज फैलाएँ हम।।[...]
छंद चौपई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’छंद चौपई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
रीढ़ देश की हैं मजदूर। नेह सुधा सुख दें भरपूर।। नित्य बहाते श्रम का स्वेद। मन में कभी न रखते[...]
