ram किशोर

संधि विचार -राम किशोर पाठकसंधि विचार -राम किशोर पाठक

0 Comments 6:01 pm

दोहा छंद आओ सीखें व्याकरण, सरल ढंग से आज। दोहा की भाषा यहाँ, सहज करे हर काज।।०१।। हिंदी भाषा में[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

मित्रवत व्यवहार – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मित्रवत व्यवहार – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 8:14 pm

रूप घनाक्षरी छंद आपसी बढ़ाए प्रीत, लिखिए नवल गीत, अपने पराए हेतु, दिल में भरा हो प्यार। कोई नहीं बड़ा-छोटा,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

वीरों की भूमि- नितेश आनन्दवीरों की भूमि- नितेश आनन्द

0 Comments 8:13 pm

संकट के बादल जब छाए, वीरों ने हुँकार लगाया। दुश्मन के सीने पर हमने , हर बार तिरंगा लहराया।। याद[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
ram किशोर

विश्व श्रमिक दिवस – राम किशोर पाठकविश्व श्रमिक दिवस – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:12 pm

मनहरण घनाक्षरी सूर्य, चंद्र ग्रह सारे, चलें श्रम के सहारे, यदि श्रम को बिसारे, कष्ट भरमार है। सृष्टि का आधार[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Snehlata

श्रमोत्सव- डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याश्रमोत्सव- डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या

0 Comments 8:10 pm

विश्व के धड़कन को तुम भी देख लो, झाँक कर हृदय पटल में कर नमन, श्रम की शक्ति को चलो[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Devkant

धरती का मान बढ़ाएंगे – देव कांत मिश्र ‘दिव्यधरती का मान बढ़ाएंगे – देव कांत मिश्र ‘दिव्य

0 Comments 8:09 pm

धरती का मान बढ़ाएंगे – विधा: गीत(१६-१६) जन्म लिए हैं दिव्य भूमि पर धरती का मान बढ़ाएँगे। रंग-बिरंगे फूल खिलाकर,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ratna Priya

दुश्मन की गद्दारी – रत्ना प्रियादुश्मन की गद्दारी – रत्ना प्रिया

0 Comments 4:57 pm

मुख में राम बगल में छुरी, लानत ऐसी यारी को । अब भारतीय नहीं सहेंगे, दुश्मन की गद्दारी को ।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
ram किशोर

सबको गले लगाएँ हम – राम किशोर पाठकसबको गले लगाएँ हम – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:54 pm

विधा: गीतिका भटके को राह दिखाएँ हम, सबको गले लगाएँ हम। कलुष भाव के घोर तिमिर में, प्रेम-पुंज फैलाएँ हम।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Devkant

छंद चौपई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’छंद चौपई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 7:51 pm

रीढ़ देश की हैं मजदूर। नेह सुधा सुख दें भरपूर।। नित्य बहाते श्रम का स्वेद। मन में कभी न रखते[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें