अस्सी की अवस्था जब होने को आई बुद्ध ने संघ में निर्वाण की इच्छा जताई सुनते हीं संघ के बौद्ध[...]
हाथ बढ़ा प्रभु मंगल दीजै – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’हाथ बढ़ा प्रभु मंगल दीजै – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’
है अति बेकल नैन हमारे। दर्शन को प्रभु राम तुम्हारे।। देकर दर्शन काज सँवारें। नाथ हमें भव से अब तारें।।[...]
अपना सूरज – रामकिशोर पाठकअपना सूरज – रामकिशोर पाठक
विशाल आकाशीय पिंड जो, अपना प्रकाश फैलाता है। हम उसको हैं कहते तारे, नभ में सदा टिमटिमाता है। उनमें से[...]
कुछ खबर है आपको- अवनीश कुमारकुछ खबर है आपको- अवनीश कुमार
कुछ खबर है आपको आप बैठे रेस्तरां में जब ले रहे सुस्वादिष्ट व्यंजन का स्वाद हाथों में डाले पत्नी का[...]
ब्रह्मांड की दिव्य कहानी- सुरेश कुमार गौरवब्रह्मांड की दिव्य कहानी- सुरेश कुमार गौरव
सूरज ज्योति का है आगार उजियारे का सौम्य नगर। किरणें इसकी छू लें धरती, हरियाली भर जाए घर।। नीला नभ[...]
कुपोषण – रामकिशोर पाठककुपोषण – रामकिशोर पाठक
शरीर का समुचित विकास हो कर सकें काम आसानी से। इसके लिए ऊर्जा चाहिए जो मिलता खाना पानी से।। भोजन[...]
प्रार्थना – रामकिशोर पाठकप्रार्थना – रामकिशोर पाठक
भक्त खड़ा तेरे द्वार, सुन लो मात पुकार।। नज़रिया फेर कर मातु, कर दो तुम उद्धार। रचे हम क्या दो[...]
सरस्वती वंदना – भवानंद सिंहसरस्वती वंदना – भवानंद सिंह
माॅं शारदे की पूजा अर्चना कर लो मन से आप, मिले आशीष माॅं का उनको पूरा हो सब काज। हम[...]
ज्ञान की ज्योति जगा दे माँ- विवेक कुमारज्ञान की ज्योति जगा दे माँ- विवेक कुमार
हे माँ शारदे, वीणावादिनी माँ, ज्ञान की देवी, ज्ञान की ज्योति जगा दे माँ, मैं हूंँ तुच्छ अज्ञानी, मुझे ज्ञान[...]
सरस्वती वंदना- अमरनाथ त्रिवेदीसरस्वती वंदना- अमरनाथ त्रिवेदी
कर दे निहाल माता, मेरे सपनों को जगा दे। जैसी हो तेरी मर्जी, माँ अपनी शरण लगा ले। करता हूँ तेरा वंदन, तेरा [...]
