जभी जागो तभी सवेरा, जड़ से मिटेगा जीवन का अंधेरा। जब खुलती है अंदर की बुद्धि, कभी नहीं होते मंदबुद्धि।[...]
गोरैया – मनु कुमारीगोरैया – मनु कुमारी
रोज सबेरे चूं -चूं करके हम सबके आंगन आती है। दुनिया के सोए मानव का हृदय स्पंद जगाती है।। एक[...]
अहिंसा के पुजारी महावीर- अमरनाथ त्रिवेदीअहिंसा के पुजारी महावीर- अमरनाथ त्रिवेदी
जैन धर्म के महापर्व के सुखद अवसर को हम जानें । २४ वें तीर्थंकर भगवान महावीर को , हम सभी [...]
ज्ञान के दीपक- सुरेश कुमार गौरवज्ञान के दीपक- सुरेश कुमार गौरव
शिक्षक हैं वो दीप प्रखर, जो तम को हरने आते, ज्ञान-ज्योति की लौ बनकर, जीवन राह दिखलाते। संस्कारों की निधि[...]
मन अपना वासंती कर लें – अमरनाथ त्रिवेदीमन अपना वासंती कर लें – अमरनाथ त्रिवेदी
सुभग संस्कार से रग रग भर दें । मन अपना वासंती कर लें । सुभग पवन के सरस हैं झोंके[...]
विश्वास और अभ्यास का छंद सोरठाविश्वास और अभ्यास का छंद सोरठा
छंदों का अभ्यास, रोज कौन सीखा रहा। पूरा है विश्वास, लगन सिखाती है सही।। मात शारदे आस, जो ठुकरा सकती[...]
भीमराव अम्बेडकर – नीतू रानीभीमराव अम्बेडकर – नीतू रानी
भारत के ये वीर सपूत, जिसने मिटाया छुआछूत। रामजी मालोजी सकपाल के थे सुपुत्र भीमाबाई के थे चौदहवीं पुत्र। गरीब[...]
दोहावली – मनु कुमारीदोहावली – मनु कुमारी
प्रेम प्रलोभन दे रही, खड़ी राम के पास। मन में थी यह चाहना, होगी पूरी आस।। मर्यादा की रास में,[...]
भीमराव अम्बेडकर ” अंतिम विचार:आत्मज्योति की लौ- सुरेश कुमार गौरवभीमराव अम्बेडकर ” अंतिम विचार:आत्मज्योति की लौ- सुरेश कुमार गौरव
जीवन भर संघर्ष था, पर न रुका विचार। हर पीड़ित के हित रहा, निज मन का सुविचार॥ शोषण की दीवार[...]
बैशाखी का पर्व है: विधा: मनहरण घनाक्षरी– रामकिशोर पाठकबैशाखी का पर्व है: विधा: मनहरण घनाक्षरी– रामकिशोर पाठक
कहते मेष संक्रांति, है विषुवत संक्रांति, फसल कटाई शांति, बैशाखी का पर्व है। सूर्य का मेष प्रवेश, पंज प्यारे धर[...]
