होली का त्योहार है आया, खुशियों की सौगात है लाया। सँग रंगों की उड़ान है लाया, होली का त्योहार है[...]
होलिका दहन- संजय कुमारहोलिका दहन- संजय कुमार
हर नुक्कड़ और चौराहे पर साल में एक बार खड़ा होकर पूछ रही है होलिका। हर साल मुझे जलाने का[...]
होली- शैलेन्द्र भूषणहोली- शैलेन्द्र भूषण
होली को जनमानस में किया जिन्होंने लोकप्रिय श्री कृष्ण का इस जग पर ऐसा उपकार है होली, रंगों का त्योहार[...]
वसंत- शैलेन्द्र भूषणवसंत- शैलेन्द्र भूषण
पुलकित नवीन किसलय ले नित कहता नयी कहानी मानवता की दुर्दशा देख उसकी भी खो गयी जवानी। सुरभित पवन से[...]
शक्ति रूप है सारी नारी – रामकिशोर पाठकशक्ति रूप है सारी नारी – रामकिशोर पाठक
शक्ति रूप है सारी नारी – लावणी छंद गीत धरती से अम्बर तक जिसकी, धर्म ध्वजा लहरायी है। शक्ति रूप[...]
नन्ही आँखों में सपनों का जहाँ- सुरेश कुमार गौरवनन्ही आँखों में सपनों का जहाँ- सुरेश कुमार गौरव
भोली-सी आँखों में, सपनों का जहाँ है, निःस्वार्थ हंसी में, प्रेम अनंत यहाँ है। आशा के दीपक से, रौशन हैं[...]
जन्नत भी वही, जहांँ भी उसी से- अमरनाथ त्रिवेदीजन्नत भी वही, जहांँ भी उसी से- अमरनाथ त्रिवेदी
जन्नत भी वही, जहाँ भी उसी से, पूछो दिल से राज, हर दिल के आईने से। किस रूप में उसे[...]
फणीश्वरनाथ रेणु: विधा- दोहावली- रामकिशोर पाठकफणीश्वरनाथ रेणु: विधा- दोहावली- रामकिशोर पाठक
कथा भाव ऐसी सरल, जैसे स्वर दे वेणु। उपन्यास वैसी लिखें, फनीश्वर नाथ रेणु। हृदय छूता रहा सदा, उपन्यास का[...]
वन्य जीव बचाएँ, प्रकृति महकाएँ- सुरेश कुमार गौरववन्य जीव बचाएँ, प्रकृति महकाएँ- सुरेश कुमार गौरव
वन उपवन के प्राणी प्यारे, जीवन के ये शुभ सितारे। धरती का ये संतुलन बनाएँ, प्रकृति की नित शोभा बढ़ाएँ।[...]
प्रेम की पराकाष्ठा- अवनीश कुमारप्रेम की पराकाष्ठा- अवनीश कुमार
एक आहट जैसे प्रिय के पाँवों की हल्की चाप, एक सुखद अहसास ऐसे जैसे स्नेह रस से सींचती माँ, एक[...]
