मतदाता जागरूकता….आओ मतदान करे हम। आओ मतदान करे हम, लोकतंत्र का सम्मान करे हम। वोट डालना है अधिकार हमारा, इसको नही है जाया करना। छोड़ो सब काम-धाम,बूथ पर पहुंच करो…
रचना- कुंडलिया – राम किशोर पाठक
रचना – कुंडलिया रचना मनहर हो तभी, दे सुंदर संदेश। मात शारदे की कृपा, भरती भावावेश।। भरती भावावेश, शब्द शुभ अंतस आते। लिखना हो आरंभ, पूर्ण सहसा हो जाते।। मौन…
किसान – राम किशोर पाठक
खेतों का है रंग सुनहरा। जैसे सोना रहता बिखरा।। फसल धान की है खेतों में। श्रम का प्रतिफल है रेतों में।। गर्व किसानों पर होता है। बीज आस की जो…
गाँधी की दरकार है – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
भारत की चुनावों में धन की है बोलबाला, पैसे से ही आज यहांँ, होती जीत- हार है। अधिकांश लोग एक जाति की ही नेता होते, कैसी भी हो छवि पर,…
मतदान करें – अमरनाथ त्रिवेदी
मतदान करें मतदान करें , स्वकार्य करें,तरक्की का मार्ग प्रशस्त करें।पाँच वर्ष में क्या खोया – पाया,इस बात का जरूर संज्ञान करें। मत से ही सरकार है बनती,आपके मत से…
इच्छा..बैकुंठ बिहारी
संसार में आते ही शुरू होती है… इच्छाबड़े बुजुर्गों,सगे-संबंधियों के बीच पनपती है यह इच्छा…समाज में जाकर फलती फूलती है यह इच्छा भोग विलासिता को जन्म देती है यह इच्छा।काम-…
देव दिवाली…राम किशोर पाठक
कुंडलियां देव दिवाली आज है, जगमग सारे लोक।पावन क्षण है आ गया, हरने सबके शोक।।हरने सबके शोक, देव नारायण आते।गंगा में कर स्नान, पाप सारे कट जाते।।आलोकित सुरलोक, लगे भूलोक…
भारत मांँ की बेटियांँ…राम किशोर पाठक
भारत माँ की बेटियांँ- प्रदीप छंद गीत धरती से अंबर तक फैली, जिसकी गाथा खास है। आज बेटियाँ भारत माँ की, रचती नव इतिहास हैं।। आँगन की कोमल कलियों ने,…
कार्तिक पावन पूर्णिमा – गीतिका- राम किशोर पाठक
कार्तिक पावन पूर्णिमा, महिमा कहे बखान।कट जाता है पाप सब, कर गंगा में स्नान।। भीड़ उमड़ती घाट पर, मनहर लगता आज।दान-पुण्य भी कर रहे, कर्म सभी निज मान।। आओ हम…
कुंडलिया.रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
भाषा अच्छी बोलना,मुख का है शृंगार।संधारित जिसने किये,लूट लिए संसार।। लूट लिए संसार,स्वर्ग सुंदर मुस्काया।अवतारण की चाह,देव मानस पर छाया।। कहते हैं ‘अनजान’,सदा रखना अभिलाषा।करके ही अभ्यास, सुधारो अपनी भाषा।।…