निपुण बनें हम- अवनीश कुमारनिपुण बनें हम- अवनीश कुमार

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  हे प्रभु! हम बालक बड़े नादान, आप हमें दें यह वरदान। जल्दी निपुण, बन जायें हम, भारत के निपुण[...]

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परिश्रम – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’परिश्रम – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 7:17 am

अगर चाह हो कुछ करने की, करें नित्य श्रम का सम्मान। श्रम के आगे झुकते सारे, पूरे होते लक्ष्य महान।।[...]

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गिलहरी – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’गिलहरी – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 7:07 am

विद्यालय के प्रांगण में, है झूलती आम की डाली। उससे अक्सर आती जाती, कतिपय गिलहरियाॅं मतवाली।। बच्चों की किलकारी सुनकर,[...]

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Amarnath Trivedi

पापा हमारे कितने प्यारे – अमरनाथ त्रिवेदीपापा हमारे कितने प्यारे – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 3:49 pm

ऐसे हमारे पापा प्यारे पापा  पापा  कितने  प्यारे, हम  बच्चों के  कितने न्यारे। हमें  समझाते  कितने अच्छे, बातें  करते  कितने [...]

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गिरते दाँत और गाजर- अवनीश कुमारगिरते दाँत और गाजर- अवनीश कुमार

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नाना जी ने बोई गाजर रोज सुबह पानी देते आकर। राजू नाना से पूछा जाकर नानू यह गाजर कब तक[...]

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प्यारे थे गाँधी- एम. एस. हुसैन ‘कैमूरी’प्यारे थे गाँधी- एम. एस. हुसैन ‘कैमूरी’

0 Comments 10:36 pm

सत्य अहिंसा के पुजारी थे गाँधी सादगी में जीवन गुजारे थे गाँधी। एक सूत्र में बांँध भारतवासी को, स्वतंत्रता का[...]

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