दोहावली-देव कांत मिश्र

दोहावली फागुन भावन जब सरस, घुलते प्रेमिल रंग। पावन पूनम प्यार में, दिखती नई उमंग।। खेलें होली प्यार से, करें नहीं हुड़दंग। प्रेम भाव में है छुपी, अद्भुत नवल तरंग।।…

होली-प्रीति

होली होली आई होली आई रंग बिरंगी खुशियां लाई लाल पीले हरे नीले चटक गुलाबी और चमकीले रंगों से भर भर पिचकारी राधा मोहन खेले होली आओ प्यारे बच्चों आओ…

रंगोत्सव- मधु कुमारी

रंगोत्सव ——— चली रंगोत्सव की बयार सब पर छाया प्रेम खुमार एहसास भर पिचकारी में शब्द रंग उड़ाऊँ, मैं बेशुमार प्रीत रस की छाई मीठी फुहार भींगे एक दूजे संग…

मैं हूँ नारी- मधु कुमारी

मैं हूँ नारी ——— मैं हूँ नारी एक धधकती सी चिंगारी प्रगति पथ की हूँ अधिकारी सृष्टि की सुंदर कृति हमारी मैं जग जननी,मैं पालनहारी मैं हूँ नारी हमने अपनी…

होली-रीना कुमारी

होली होली आई, होली आई, रंगो का त्योहार है लाई। सबके लिए ये खुशियाँ लाई। चुन्नु मुन्नु ने आवाज लगाई, होली आई, होली आई। सोनू मोनू ने भरी पिचकारी एक…

होली-कुमकुम कुमारी

होली आया होली का त्योहार, छाया सबपे खुमार। लेकर रंग गुलाल, देखो आए नंदलाल।। संग लेकर ग्वाल-बाल, पहुंचे राधा के द्वार। करने मस्ती अपार, सुंदर है यह त्योहार।। लेकर हरी…

नारी तूँ नारायणी – नीतू रानी

नारी तूँ नारायणी नारी तूँ नारायणी तुम हो शिव की अर्द्धांगिनी, तुम्हीं हो कृष्ण की राधा रानी तुम्हीं हो घर की महारानी, तुम हो सबका दुःख हारिनी तुम्हीं हो साक्षात…

मोबाइल-मनु कुमारी

मोबाइल ( मनहरण घनाक्षरी) हर पल काम आए, देख मन झूम जाए, साथी बन रहे सदा गम को भगाता है । सूचना दे हर घड़ी, छोटी रहे चाहे बड़ी, बैठे…