गुण -अवगुण धर्मिता को , प्रकृति भी वरण करती है । जहाँ प्रकृति सृजन है करती , विनाश बीज भी[...]
नव वर्ष बाल संकल्प गीत- रणजीत कुशवाहानव वर्ष बाल संकल्प गीत- रणजीत कुशवाहा
नव वर्ष में करते हैं वायदा। पढ़ेंगे पहले से भी ज्यादा।।१ नित्य नियम से स्कूल जायेंगे। जल्दी- जल्दी ज्ञान बढ़ायेगे।।२[...]
मुस्कान- अश्मजा प्रियदर्शिनीमुस्कान- अश्मजा प्रियदर्शिनी
निराश ह्रदय कुंठित काया को हर्षित करे खिल जाता जीवन बगिया अनूप । मिल जाती खुशियाँ अपार न होता विषम[...]
सुबह-शाम लिख दिया- जयकृष्णा पासवानसुबह-शाम लिख दिया- जयकृष्णा पासवान
मैं जमीं हूं तो वो, आसमां है मेरा । हर फिजाओं की रवानी पर, नाम लिख दिया।। इत्र बनके खुशबू[...]
नारी व्यथा- अमरनाथ त्रिवेदीनारी व्यथा- अमरनाथ त्रिवेदी
आज के भटकते समाज मे , नारी की स्थिति क्या होती है ? दिन -रात निज कर्म में रह ,[...]
कृष्ण को प्रणाम है-एस.के.पूनमकृष्ण को प्रणाम है-एस.के.पूनम
मनहरण घनाक्षरी पुकारीं दुलारी राधा,ढूंढ़ती फिरती कान्हा, नयन निहारी राह,पूछी कहाँ श्याम हैं। मुकुट शोभित भाल,बाँहों पर भुजबंध, कंठमाला मोतियों[...]
बचपन – प्रीति कुमारीबचपन – प्रीति कुमारी
जीवन का वह स्वर्णिम क्षण, जो था नन्हा- मुन्ना बचपन । उस बचपन की कुछ यादें हैं, कुछ प्यारे-प्यारे वादे[...]
सड़क सुरक्षा अभियान-रणजीत कुशवाहासड़क सुरक्षा अभियान-रणजीत कुशवाहा
ऐ भाई ,जरा देख के चलो। आगे ही नहीं ,पीछे भी दायें ही नहीं ,बायें भी ऊपर ही नहीं, नीचे[...]
सर्दियों में -अमरनाथ त्रिवेदीसर्दियों में -अमरनाथ त्रिवेदी
इन सर्दियों में ,गरीबों की रौनक रसहीन हो जाती है । सर्द थपेड़ों से जीना मुहाल हो जाती है ।[...]
ताज़- जयकृष्णा पासवानताज़- जयकृष्णा पासवान
सुगम फरिश्तों के , ताज़ है आप । ममताऔर करुणा, की नाज़ है आप ।। “दिल इसे पाकर भला क्यों[...]
