Manu

जगमग जोत जले – मनु कुमारीजगमग जोत जले – मनु कुमारी

0 Comments 9:10 pm

जगमग जोत जले। सत्य का दीप ,प्रेम का बाती, हर घट जोत जले। ईर्ष्या द्वेश का भाव ना आए, मैत्री[...]

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Kanchan

शब्दों के बंधन -कंचन प्रभाशब्दों के बंधन -कंचन प्रभा

0 Comments 9:09 pm

समन्दर से दूर जा के कभी शंख नही मिलते बंधन से एहसासों को कभी पंख नही मिलते अपने एहसासों मे[...]

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Arvind Kumar Amar

कैसी हो मेरी संकुल की पाठशाला – अरविंद कुमार अमरकैसी हो मेरी संकुल की पाठशाला – अरविंद कुमार अमर

0 Comments 8:41 pm

कैसी हो मेरी संकुल की पाठशाला, मन में यह प्रश्न कोंध रहा है? कैसी हो मेरी संकुल की पाठशाला। सजा[...]

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Arvind Kumar Amar

योग दिवस समारोह – अरविंद कुमार अमरयोग दिवस समारोह – अरविंद कुमार अमर

0 Comments 8:40 pm

योग करें हम योग करें दूर सभी हम रोग करें, यह वरदान मिला जो हमको, इसका हम सदुपयोग करें ।[...]

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Kanchan

मिट्टी से शीशे का सफर – कंचन प्रभामिट्टी से शीशे का सफर – कंचन प्रभा

0 Comments 8:31 pm

आज युग कितना बदल गया है दीये की लौ बल्ब बन गई कभी हम पढ़ते थे लालटेन में लालटेन की[...]

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daya

वहीं है कबीर – दया शंकर गुप्तावहीं है कबीर – दया शंकर गुप्ता

0 Comments 8:29 pm

जो निंदक को पास बिठाता है, जो अपना घर स्वयं जलाता है, जो पत्थर को पूज्य बताता है, जो खुदा[...]

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Jainendra

आँगन के फूल – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’आँगन के फूल – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:24 pm

जग के आंखों के हैं तारे ये आँगन के फूल हमारे, इनके आगे फीका लगता है नील गगन के चांद[...]

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Arvind Kumar Amar

बेटी:- अरविंद कुमार अमरबेटी:- अरविंद कुमार अमर

0 Comments 4:13 pm

छै येहा धारना दूनिया के, बेटी पराई होते छै। पर बिना बेटियौ के जग में, तकदीर सब के सुतले छै।[...]

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Arvind Kumar Amar

पृथ्वी की है करुणा पुकार-अरविंद कुमार अमरपृथ्वी की है करुणा पुकार-अरविंद कुमार अमर

0 Comments 4:10 pm

पृथ्वी की है करुणा पुकार–: पृथ्वी की है करूणा पुकार, सुन लो मनुष्य इसे बार-बार । महलों-दो महलों को बनाकर,[...]

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