कुंडलियां छन्द-मैथिली ( बैसाखी पर्व पर ) बैसाखी पाबैन में,दुलहिन रहूं जुड़ाय। अचल रहय अहिबात आ, सुन्दर बनय सुभाय।। सुन्दर[...]
जननायक- अशोक कुमारजननायक- अशोक कुमार
हे जननायक तुमको, शत-शत करूं प्रणाम| भारत की अमर कृति, में अमर तुम्हारा नाम|| माता भीमाबाई के लाल, पिता राम[...]
परीक्षा- अश्मजा प्रियदर्शिनीपरीक्षा- अश्मजा प्रियदर्शिनी
समय का रजत रथ नित नवीन रश्मियों से युक्त बढता जाता। जब आता परीक्षा का समय तब छूट जाता हमारा[...]
मां की विवशता- दया शंकर गुप्तामां की विवशता- दया शंकर गुप्ता
आइए करें एक विचार, क्या मिला है अब भी, माताओं को उचित सत्कार? जेहन में आता है घटना बार बार,[...]
एकावली- सुधीर कुमारएकावली- सुधीर कुमार
एकावली मात्रा — १० यति — ५,५ अंत — दीर्घ २१२ , २१२ राम का , नाम ले । सुबह[...]
भीमराव- नीतू रानीभीमराव- नीतू रानी
विषय -छुआछूत भारत के ये वीर सपूत, जिसने मिटाया छुआछूत। रामजी मालोजी सकपाल के थे सुपुत्र भीमाबाई के थे चौदहवीं[...]
वीर सपूत अंबेडकर- रत्ना प्रियावीर सपूत अंबेडकर- रत्ना प्रिया
संविधान की धाराओं में , प्रेरणा नवनिर्माण है , अंबेडकर जैसा वीर सपूत , भारत का अभिमान है | जाति-प्रथा,[...]
बैशाखी- जैनेन्द्र प्रसाद रविबैशाखी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि
बरसों बाद फिर आई रुत ये बहार के, शुभ घड़ी आई, दिन बीते इंतजार के। फसलें तैयार हुईं देखो मन[...]
प्यारे बच्चे- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्यारे बच्चे- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद जगत से न्यारा रूप, ढ़ल जाते अनुरूप, बनकर चितचोर, सबको लुभाता है। पल में ही रूठ जाता,[...]
दुष्ट व्यक्ति- नीतू रानीदुष्ट व्यक्ति- नीतू रानी
दुष्ट ,बेईमान व्यक्ति से बचकर रहना मेरे भाय, दूसरे का धन लूटकर धनी आज कहलाय। ऊपर से उजला दिखता अंदर[...]
