आज पुण्य तिथि पर रेणु जी को करते हैं हम सब शत्- शत् नमन, और हमारे आदरणीय लेखक कविगण उनपर[...]
आलस्य से मुंह मोड़ो- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’आलस्य से मुंह मोड़ो- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
पक्षियों ने छेड़े राग, प्यारे बच्चों जाओ जाग, भोर की सुहानी बेला, स्वच्छ आसमान है। अब तो विस्तर छोड़ो, आलस[...]
विशाल बिरवान- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’विशाल बिरवान- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
कांधे पर चढ़कर, तन से लिपट कर, आसपास बच्चे बैठे, दादाजी पर ध्यान है। सिर्फ श्वेत बाल नहीं, झुर्रियों से[...]
सुहानी सुबह- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’सुहानी सुबह- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
सुहानी सुबह बागों में बहार आई, खिल गई अमराई, हरे-हरे नए पत्ते, डालियों में हिलते। भोर लिया अंगड़ाई, सुहानी सुबह[...]
पंच चामर – सुधीर कुमारपंच चामर – सुधीर कुमार
पंच चामर मात्रा – 24 वर्ण — 16 यति – 12,12 अंत – दीर्घ मात्रा 121 212 121 212 121[...]
कोरोना काल की व्यथा- नीतू रानीकोरोना काल की व्यथा- नीतू रानी
कोरोना काल की व्यथा साधारण वर्ग की व्यथा परेशानी और महंगाई पर आधारित स्वरचित गीत। शीर्षक- कोरोना काल की व्यथा[...]
मनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनम
🙏कृष्णाय नमः🙏 विद्या:-मनहरण घनाक्षरी काव्य पथ पर चला, अक्षरों को जोड़-जोड़, प्रेम गीत लिख दिया,शब्दों को सजाइके। विचारों में डूब[...]
तमाल छंद -सुधीर कुमारतमाल छंद -सुधीर कुमार
तमाल छंद मात्रा — 19 अंत – गुरु लघु संकट में है साथ निभाते मित्र । होते है ये अच्छाई[...]
बदल रहा है आज जमाना- मीरा सिंह “मीरा”बदल रहा है आज जमाना- मीरा सिंह “मीरा”
नया दौर है नया तराना बदल रहा है आज जमाना।। गुजर गया वो दौर पुराना बेटी बोझ कहीं जाती थी।[...]
बचपन की नादानी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बचपन की नादानी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
कुछ शरारतें और नादानी याद जाती अपनी शैतानी, कभी सोचकर शर्म के मारे आ जाता आंखों में पानी। धमाचौकड़ी खूब[...]
