।। बाल कविता ।। मिट्टी की हंडी में पके, चावल का भात खाके चावल का लाड़ू, टूट गया दाँत । गेहूँ का सत्तु और गेहूँ का आटा फट गया पन्नी,…
पर्यावरण-संगीता कुमारी
पेड़ लगाओ, भविष्य बचाओ पेड़ लगाओ, भविष्य बचाओ, प्रदूषण कम करो, जीवन बचाओ। हरित क्रांति की ओर बढ़ो, पर्यावरण को बचाने का वक्त है। पृथ्वी की पुकार पृथ्वी की पुकार…
भारत के मंत्रिमंडल – उषा कुमारी
हमारे देश का नाम है भारत, इसकी बहुत पुरानी कहानी। नई दिल्ली है भारत की राजधानी।। जुकाम जब कभी आए, हमेशा करे रुमाल का उपयोग करें ना अपने नाक को…
जीवन से हार मत मानो – राहुल कुमार रंजन
अँधेरा चाहे बहुत गहरा हो,रात भले ही ठहरी हो,आशा की किरण कहीं न कहीं,तुम्हारे लिए भी फैली हो। दर्द तुम्हारे गहरे सही,घाव तुम्हारे गहरे सही,पर ये दुनियाॅं छोड़ने से,हल नहीं…
अंतरिक्ष की सैर… रणजीत कुमार
Antriksh ki sair आज यह बात जान लो मुनिया। अंतरिक्ष की है अपनी दुनिया।। ऊपर देखो नीला गगन। चमक रहे सूरज दन -दन।। यह देता दिन में…
भारत की जननी
धन्य है इस धरती की जननी,जो जनती ऐसे लाल को।अपने लहू से तिलक लगाते,भारत माँ के भाल को। सात रंग से उन्हें क्या मतलबखाकी उनकी पहचान है।जीते तिरंगा, मरते तिरंगा,तिरंगा…
मेरा अभिमान – सलमा कौसर
भारतीय अस्मिता की पहचान है हिंदी, हमारे अच्छे राष्ट्र का निर्माण है हिंदी। हमारी आन, बान, शान, और जान है, हमारी विश्व धरोहर की पहचान है हिंदी। राष्ट्रीय एकता और…
हिन्दी हमारी पहचान, हिन्दी नहीं हमारी हार – चाँदनी झा
हिन्दी नहीं हमारी हार, हिन्दी से है मुझे प्यार। मिश्री सी रस घोलती, कानों में जब हिन्दी बोलती। हिन्दी लिखती, हिंदी पढ़ती, हिन्दी मैं बेहतर समझती। हाँ क्षेत्रीयता का दिखता…
स्वरचित कविता लेखन,विषय: हिंदी:हमारी अस्मिता की पहचान – गिरिधर कुमार
हिंदी, हिन्द की आवाज, प्राकृत,पाली,संस्कृत से क्रमशः निःसृत, भारतीयता की पहचान हिंदी। भारतेंदु से पंत तक, महादेवी से भावपूरित, निराला के अनन्त तक, दिनकर की ओज से, रेणु के संसार…
हिंदी गीत – राघव दूबे
हिन्दी भारत की परिभाषा बनकर, विश्व पटल पर छाई हिंदी जन गण मन में गूंज रही है, सुरों सजी शहनाई हिंदी… ऋतु वसंत के नेह निमंत्रण, पर फूली फूली फुलवारी पहले सावन की…