हां,मैं भावुक ही तो हूंतभी तो सह नहीं पातीहल्की सी भी चोट,फिर चाहे वो शरीर पर हो या कि लगे[...]
मां भगवती – राहुल कुमार रंजनमां भगवती – राहुल कुमार रंजन
मां भगवती! शक्ति का सागर,तेरे चरणों में है जग सारा।भक्त तेरे गुण गाते हरदम,तू है सबकी नैया का किनारा। रक्तचरण[...]
लिखी हूं प्रेम पाती प्रिय- एस के पूनमलिखी हूं प्रेम पाती प्रिय- एस के पूनम
विधाता छंद। विधान-1222*4(लिखी हूँ प्रेम पाती प्रिय)(1)गगन हो या धरा पर हो,तुम्हें सत्कार जन-जन में। तुम्हीं को देख जीती हूँ,प्रणय[...]
माता की सवारी – जैनेन्द्र प्रसाद रविमाता की सवारी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
मनहरण घनाक्षरी छंद आश्विन पावन मास,नवरात्र होता खास,इस बार माता जी की, हाथी की सवारी है। श्रद्धा रख नर नारी-सामग्री[...]
मैया आओ -डॉ स्नेहलता द्विवेदीमैया आओ -डॉ स्नेहलता द्विवेदी
मैया आओ 🙏🌹 मैया मोरी आओ ना , घर में आ रह जाओ ना। मन में बस जा तू मोरी[...]
मां आ जाओ- रुचिकामां आ जाओ- रुचिका
हर उलझन कैसे सुलझेयह राह हमें दिखलाओ।आओ माँ मेरे जीवन सेकष्ट सारे तुम हर ले जाओ। तुम्हारे आने से आत्मबल[...]
ऐ जिन्दगी तेरे लिए – डॉ पूनम कुमारीऐ जिन्दगी तेरे लिए – डॉ पूनम कुमारी
ए ज़िन्दगी तेरे लिए क्या क्या करना रह गया बाक़ी,बस इतना बता दे ज़िन्दगी बहुत भटक लिया गुमनामी मेंए जिंदगी[...]
शीतलता के बीच एक दोपहरी भटकी- रामपाल प्रसाद सिंह अनजानशीतलता के बीच एक दोपहरी भटकी- रामपाल प्रसाद सिंह अनजान
शीतलता के बीच एक दोपहरी भटकी।रोला कैसा है लावण्य, रूपसी नाजुक नारी।कोमल पीपल पात,सरीखे डिगती डारी।।जो जाते उस राह,भनक लेते[...]
है मान बाकी राम किशोर पाठकहै मान बाकी राम किशोर पाठक
है मान बाकी – शिखंडिनी छंद किसे हम कहें, बातें पुरानी। रहा कुछ नहीं, बाकी कहानी।। जिन्हें सुबह से, ढूँढा[...]
सरहद पे खड़े हैं जज्बा लेकर- बिंदु अग्रवालसरहद पे खड़े हैं जज्बा लेकर- बिंदु अग्रवाल
सरहद पे खड़े हैं लेकर जज्बा बलिदान का सरहद पे खड़े हैं लेकर जज्बा बलिदान का।देश की आन पे करते[...]
