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अच्छी किताबें और अच्छे लोग,
आसानी से समझ में नहीं आते हैं।
उनकी गहराइयों को जानने के लिए,
जनाब! उन्हें विधिवत पढ़ना पड़ता है।
सिर्फ़ सड़कें देखने से मंज़िल नहीं मिलती,
उसे पाने के लिए कोसों चलना पड़ता है।
राहों में कितने ही मोड़ क्यों न आएँ,
हर क़दम पर हौसला रखना पड़ता है।
सपने तो यूँ ही रातों में आते रहते हैं अक्सर,
उन्हें सच करने के लिए संघर्षरत रहना पड़ता है।
इतनी आसानी से कामयाबी नहीं मिलती जनाब,
उसके लिए दिन-रात एक करना पड़ता है।
एम० एस० हुसैन “कैमूरी”
शिक्षक सह युवा कवि
उत्क्रमित मध्य विद्यालय
छोटका कटरा
मोहनियां कैमूर बिहार

