शीर्षक:- हम बिहार हैं।
हम भक्त प्रह्लाद की जन्मभूमि हैं,
हम महादानी कर्ण की कर्मभूमि हैं।
हम वह पावन धरा हैं जहाँ सूर्य स्वयं पधारे,
जहाँ विद्यापति के गृह उगना बनकर शिव शंकर गुजारे।
हम भगवान राम की ज्ञानभूमि हैं,
हम विश्वामित्र की तपोभूमि हैं।
हिरण्यकशिपु-वध की गाथा हमारी पहचान है,
नरसिंह अवतार का दिव्य प्राकट्य हमारा मान है।
हम माता सीता की पावन मिथिला-नगरी हैं,
मधुबनी की विश्वविख्यात कला की डगरी हैं।
हम चाणक्य की राजनीति का अनुपम शौर्य हैं,
हम चंद्रगुप्त मौर्य के अखंड भारत का गौरव-गौर्य हैं।
हमने विश्व को लोकतंत्र का प्रथम मंत्र दिया,
जिस तंत्र को जग ने आदर सहित स्वीकार किया।
हम शून्य के दाता हैं, ज्ञान के संवाहक हैं,
हम बुद्ध की करुणा के अमर प्रकाशक हैं।
हम गुरु गोविंद सिंह की जन्मस्थली महान हैं,
हम गंगा की अविरल धारा का पावन गान हैं।
हम महावीर की धर्मधरा, अशोक की कीर्ति-शान हैं,
हम बिस्मिल्ला की शहनाई, शेरशाह का बलिदान हैं।
हम नालंदा का विश्वविख्यात विद्यापीठ हैं,
हम तक्षशिला का प्राचीन ज्ञान-दीप्त हैं।
हम रेणु की आंचलिक चेतना की पहचान हैं,
हम दिनकर की ओजस्वी कविता की जान हैं।
हमने देश को प्रथम राष्ट्रपति दिया,
सत्याग्रह से इतिहास को नई दिशा दिया।
हम जेपी के संकल्प, माँझी के परिश्रम का मिसाल हैं,
हाँ, हम बिहार हैं — हम ही बिहार हैं।
संजीत कुमार निगम
प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा तिरसकुंड फारबिसगंज

