जमाने में – गजल – राम किशोर पाठक कौन है जो कहे जमाने में। मौन सारे लगे बचाने में।। आज अपने बहुत यहाँ रिश्ते। है कई इस कदर दिखाने में।।…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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