श्रीकृष्ण – गिरीन्द्र मोहन झा बचपन से तेरी लीला हुई शुरु, सदा रहा कर्त्तव्य का ध्यान, सत्य-धर्म पर चलकर तूने,[...]
Tag: श्रीकृष्ण
श्रीकृष्ण – गिरीन्द्र मोहन झाश्रीकृष्ण – गिरीन्द्र मोहन झा
श्रीकृष्ण – गिरीन्द्र मोहन झा बचपन से तेरी लीला हुई शुरु, सदा रहा कर्तव्य का ध्यान, सत्य-धर्म पर चलकर तूने,[...]
कविता-कुमकुम कुमारीकविता-कुमकुम कुमारी
मनहरण घनाक्षरी श्रीकृष्ण 1:- हे कान्हा सुनो पुकार, हम आए तेरे द्वार, विनती करो स्वीकार, भव पार कीजिए। दे दो[...]
