टीचर्स ऑफ बिहार – मधु कुमारी

Madhu kumari

एक नाम नहीं 

ये है हमारा सम्मान 

जिससे मिली पहचान 

जो देता एक पैगाम 

हमारे आत्मसम्मान के नाम…….

एक ऐसा आन्दोलन 

जिसने काले अक्षरों को भी 

खूबसूरत और रंगीन बना दिया…..

एक ऐसा लगन 

जिसने जीता 

अपने उड़ान से 

हर शिक्षक का मन….

जहां ना कोई दिखावा

नहीं कोई शोर और अभिमान 

जिसने शिक्षकों की

प्रतिभा को जान

दिया उचित पहचान ……

एक ऐसा आसमान

जहां हमने नित गढ़ा 

बुलंदियों से भरा 

एक नया “जहां”……..

जिसने कामयाबी को 

किया हमारे नाम 

और है जिसकी 

सादगी ही पहचान…….

जहां शिक्षक ही हैं 

मॉडरेटर, राइटर, एडिटर,

पथ प्रदर्शक, मार्गदर्शक……

ऐसे “बिहार के शिक्षकों” को सलाम 

ये स्थापना दिवस भी करते हैं 

उन्हीं शिक्षकों के नाम………।

मधु कुमारी 

कटिहार 

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